रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के कल्याण के साथ उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर भी लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध करा रही है।
योजना के माध्यम से चयनित बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण में पढ़ाई करने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने बच्चों के साथ किया आत्मीय संवाद
राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ आत्मीयता से समय बिताया और उनके साथ भोजन भी किया। उन्होंने चयनित विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों को भी देश के बेहतरीन निजी विद्यालयों में पढ़ने का समान अधिकार है।
उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च वहन कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए हरसंभव अवसर उपलब्ध करा रही है।
धमतरी के 7 बच्चों का निजी आवासीय विद्यालयों में चयन
सम्मान समारोह में धमतरी जिले के 7 नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को सम्मानित किया गया। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इन सभी बच्चों को कक्षा छठवीं में प्रवेश मिला है।
चयनित विद्यार्थियों में ग्राम श्यामतराई की याचना साहू, ग्राम सिर्री की भाव्या, ग्राम रीवागहन के नैतिक कुमार, ग्राम चटौद की धारनी साहू, ग्राम गुजरा के नागेन्द्र कुमार, ग्राम देमार की पूजा मीनपाल और ग्राम खट्टी की रागिनी साहू शामिल हैं।
कक्षा 6वीं से 12वीं तक मिलेगी निःशुल्क शिक्षा
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत अनुबंधित 9 जिलों के निजी आवासीय विद्यालयों में चयनित बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी।
बच्चों को विद्यालय में अध्ययन के साथ आवास और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे श्रमिक परिवारों पर बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आर्थिक बोझ कम होगा।
योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभावान बच्चे की शिक्षा और उसके सपनों के रास्ते में बाधा न बनें।
बेहतर शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास पर जोर
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना केवल बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों में अध्ययन के दौरान विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और विभिन्न प्रतियोगी अवसरों का लाभ मिलेगा।
इससे बच्चों के आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और भविष्य की संभावनाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी। श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का मंच मिलेगा।
कलेक्टर ने बच्चों को दी शुभकामनाएं
धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों के सपनों को पंख देने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि धमतरी जिले के सात बच्चों का चयन जिले के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी भी प्रतिभावान बच्चे की शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। बच्चों से पूरी लगन और मेहनत के साथ अध्ययन करने तथा अपने माता-पिता और जिले का नाम रोशन करने की अपील की गई।
श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए नई उम्मीद
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों के बच्चों को ऐसी शिक्षा और सुविधाएं मिल रही हैं, जो कई बार आर्थिक परिस्थितियों के कारण उनके परिवारों के लिए मुश्किल होती हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की यह पहल श्रमिक परिवारों को आर्थिक राहत देने के साथ उनके बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षा के अवसर बढ़ने से प्रतिभावान बच्चे आगे चलकर समाज और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।


