रायपुर। राजधानी स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा ‘नारी शक्ति सम्मान समारोह’ आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिक्षा, चिकित्सा, खेल, साइबर सुरक्षा, पत्रकारिता, कला-संस्कृति, कृषि, महिला उद्यमिता और समाज सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विशेष ब्रोशर का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं की प्रगति से परिवार, समाज और देश का विकास जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है और अब तक 31 किस्तें उनके खातों में भेजी जा चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि स्व-सहायता समूहों से जुड़कर प्रदेश की 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। महिलाएं सिलाई, कृषि और लघु उद्योग के साथ-साथ ड्रोन संचालन जैसी आधुनिक तकनीकों से भी जुड़ रही हैं।
राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत 481 ‘महतारी सदनों’ का निर्माण, सरस्वती साइकिल योजना का विस्तार और ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ के अंतर्गत 6,671 बालिका शौचालयों की स्वीकृति जैसे कदम उठाए गए हैं। महिलाओं के नाम पर भूमि और संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष छूट भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आयोग की भूमिका केवल शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों की महिलाओं को उनके कानूनी एवं संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी आयोग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति के महत्व को रेखांकित किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को महत्वपूर्ण स्थान मिला है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष पूर्ण होने पर यह आयोजन ‘रजत उत्सव दिवस’ के रूप में मनाया गया।


