रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता और उल्लास के साथ मनाया गया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें स्नेह व आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों का स्नेह और आशीर्वाद प्रदेश की सेवा के संकल्प को और मजबूत करता है।
कार्यक्रम में स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की धर्मपत्नी श्रीमती सरला दुबे ने भी मुख्यमंत्री को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने इस क्षण को विशेष रूप से भावुक और गौरवपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री साय ने ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि स्व-सहायता समूहों की बहनों, दिव्यांग बहनों और शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के करीब 1600 जवानों को राखी बांधी।
मुख्यमंत्री ने महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की दीदियों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों और अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रही महिलाओं के योगदान की सराहना की।
महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। रक्षाबंधन से पहले 25 अगस्त को 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की गई।
उन्होंने कहा कि इस योजना ने महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाया है और वे राशि का उपयोग अपनी जरूरतों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, बचत तथा आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं।
13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ को 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन प्रदेश ने लक्ष्य से आगे बढ़कर पिछले दो वर्षों में 13 लाख 85 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया है।
उन्होंने कहा कि ड्रोन दीदी योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं आधुनिक तकनीक से जुड़ रही हैं। ड्रोन से खेतों में उर्वरक और दवा का छिड़काव कर वे आय अर्जित कर रही हैं।
ई-रिक्शा और सेटरिंग प्लेट से आत्मनिर्भरता
मुख्यमंत्री ने बताया कि नया रायपुर में 92 ई-रिक्शा दीदियां आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। जशपुर प्रवास के दौरान उन्होंने अपने गांव बगिया में 50 बहनों को ई-रिक्शा प्रदान किए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले मकानों में उपयोग होने वाली सेटरिंग प्लेट के व्यवसाय से भी स्व-सहायता समूहों की महिलाएं जुड़कर आय अर्जित कर रही हैं।
महिला उद्यमिता को नई औद्योगिक नीति में प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर सफल उद्यमी बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है। महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। पिछले ढाई वर्षों में करीब 30 हजार महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं।
नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से इन प्रावधानों का लाभ लेकर उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
बस्तर में नक्सलवाद के बाद विकास की नई शुरुआत
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास में लंबे समय तक बाधा रहा, लेकिन अब प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है। सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका सुविधाओं का विस्तार कर रही है।
उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की प्रत्येक महिला को सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर मिलें।


