मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में बच्चों, माताओं और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार तथा समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 9वां राष्ट्रीय पोषण माह-2026 शुरू हो गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत आयोजित इस राज्यव्यापी अभियान की इस वर्ष की थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है।
अभियान के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
स्थानीय खाद्य पदार्थों से पौष्टिक आहार का प्रदर्शन
पोषण माह के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में स्थानीय और कम लागत वाली खाद्य सामग्री से पौष्टिक व्यंजन तैयार करने का प्रदर्शन किया जाएगा।
पोषण मेलों के माध्यम से मिलेट्स, मौसमी फल-सब्जियां, दालें, दुग्ध उत्पाद, मेवे और विभिन्न प्रकार के बीजों के पोषण संबंधी महत्व की जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही ‘प्रोटीन रिच फूड’ अभियान के जरिए परिवारों को दैनिक भोजन में प्राकृतिक और किफायती प्रोटीन स्रोत शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
गर्म पके भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर निगरानी
आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पके भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और विविधता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
नाश्ते और गर्म भोजन का साप्ताहिक मेन्यू बोर्ड केंद्रों में प्रदर्शित किया जाएगा। भोजन की तैयारी और वितरण में पारदर्शिता तथा सामुदायिक निगरानी के लिए अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों और मातृ समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
जीवन के पहले 1000 दिनों पर विशेष फोकस
पोषण माह के दौरान बच्चे के जीवन के शुरुआती 1000 दिनों में पोषण और संवेदनशील देखभाल के महत्व को लेकर परिवारों को जागरूक किया जाएगा।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर संपर्क कर माताओं और अभिभावकों को पोषण, स्वास्थ्य तथा बाल देखभाल से जुड़ा परामर्श देंगे।
‘नवचेतना’ और ‘आधारशिला’ पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ बच्चों में विकासात्मक विलंब की प्रारंभिक पहचान पर भी जोर दिया जाएगा। आवश्यकता होने पर बच्चों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की मेडिकल टीमों के माध्यम से उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर किया जाएगा।
PMMVY का 100 प्रतिशत सैचुरेशन अभियान
राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत प्रत्येक पात्र गर्भवती और धात्री महिला को योजना से जोड़ने के लिए 100 प्रतिशत सैचुरेशन अभियान चलाया जाएगा।
लंबित आवेदनों की समीक्षा, सत्यापन, स्वीकृति और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। मैदानी स्तर पर पात्रता और योजना के लाभों की जानकारी देकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास होगा कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।
जनभागीदारी से बनेगा पोषण का जनआंदोलन
पूरे प्रदेश में होने वाली गतिविधियों में जनभागीदारी को केंद्र में रखा गया है। आंगनवाड़ी केंद्रों को परिवार और समुदाय से जोड़कर पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और बाल विकास के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सरकार बच्चों और माताओं के पोषण एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह केवल जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि पोषण को जनआंदोलन बनाने का अवसर है।
‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ का संदेश
‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ शुरू हुआ राष्ट्रीय पोषण माह-2026 प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों को सुपोषण, संवेदनशील देखभाल और बच्चों के सर्वांगीण विकास का प्रभावी आधार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


