जिले के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें ई-केवाईसी, पंजीयन, नवीनीकरण और संशोधन जैसी प्रक्रियाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के निर्देश पर ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में श्रमिकों की ई-केवाईसी के साथ विभिन्न योजनाओं से जुड़े आवेदन भी लिए जाएंगे।
मनेन्द्रगढ़, खड़गवां और भरतपुर विकासखंड में शिविरों का संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। अभियान 30 सितंबर 2026 तक चलेगा।
तीनों विकासखंडों में शिविरों का शेड्यूल
मनेन्द्रगढ़ विकासखंड में 10 से 30 सितंबर तक अलग-अलग ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए जा रहे हैं। 15 सितंबर को छिपछिपी और भौंता, 16 सितंबर को डुगला, बिझियाटोला, केवटी, बुलाकीटोला और केल्हारी तथा 17 सितंबर को रोजी, डिहुली, बिरौडांड, शिवगढ़ और बड़काबहेरा में शिविर निर्धारित हैं।
21 सितंबर को सोनहरी, गरुड़डोल, बाला, महाई और केलुआ तथा 22 सितंबर को सिरियाखोह और हरितनापुर में शिविर होंगे। इसके बाद 23 से 30 सितंबर तक अन्य निर्धारित पंचायतों में क्रमवार शिविर लगाए जाएंगे।
खड़गवां विकासखंड में 9 सितंबर से शिविर शुरू हो चुके हैं। 15 सितंबर को अखराडांड, 16 सितंबर को सुंदरपुर, देवाडांड, सलका, लकड़ापारा और गिद्धमुड़ी तथा 17 सितंबर को छोटेकेलुआ, आमाडांड, जड़हरी और कदरेवा में शिविर लगाए जाएंगे। 21 से 30 सितंबर तक भी निर्धारित ग्राम पंचायतों में शिविर जारी रहेंगे।
भरतपुर विकासखंड में 11 से 30 सितंबर तक शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। 15 सितंबर को भगवानपुर, घाघरा और एतवार, 16 सितंबर को जनुआ, बेलनगांव, चरखर, मेहदौली और डोंगरीटोला, 21 सितंबर को देवगढ़, हरई, कुंवारी, पतवाही और ओहनिया तथा 22 सितंबर को हरचौका और चिड़ौला में शिविर होंगे। 23 से 30 सितंबर तक अन्य पंचायतों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिविर लगाए जाएंगे।
सुबह 10 बजे पहुंचेंगे अधिकारी-कर्मचारी
श्रम विभाग ने संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को निर्धारित तिथि पर सुबह 10 बजे शिविर स्थल पर पहुंचना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
शिविर से पहले ग्राम पंचायतों में मुनादी और अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा संबंधित श्रमिकों की ई-केवाईसी सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक शिविर का लाभ उठा सकें।
48 घंटे में पोर्टल पर दर्ज होगी जानकारी
शिविर में प्राप्त और निराकृत आवेदनों की जानकारी 48 घंटे के भीतर विभागीय पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। शिविरों के फोटो अपलोड करने की कार्रवाई के लिए श्रम कल्याण अधिकारी अनिल साहू को जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
CSC और VLE की भी रहेगी भूमिका
शिविरों के सुचारू संचालन के लिए जिला एवं जनपद पंचायत के अधिकारियों, ग्राम पंचायत सचिव, सरपंच, जनसंपर्क अधिकारी, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सहयोग की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके साथ ही CSC/VLE की उपलब्धता और तकनीकी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रमिकों को अब नहीं लगाना पड़ेगा दफ्तर का चक्कर
अभियान का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को उनके गांव के नजदीक ही जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराना है। श्रमिक निर्धारित तिथि पर अपने संबंधित शिविर में पहुंचकर ई-केवाईसी, पंजीयन, नवीनीकरण, संशोधन और विभिन्न योजनाओं के आवेदन की प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।
30 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान से श्रमिकों को विभागीय योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।


