सरगुजा में सूर्य घर योजना को मिला अच्छा प्रतिसाद
रायपुर। देश में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ आम नागरिकों को ऊर्जा उत्पादन में सहभागी बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना महत्वपूर्ण पहल बनकर सामने आई है। योजना के तहत घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाकर परिवार अपनी बिजली जरूरतें पूरी करने के साथ निर्धारित प्रावधानों के अनुसार अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेज सकते हैं।
सरगुजा जिले में भी योजना को नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। वर्ष 2025-26 के लिए जिले में 2,000 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके मुकाबले 3,282 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 3,222 आवेदनों में वेंडरों का चयन किया जा चुका है, जबकि 1,733 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं।
अम्बिकापुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ी पहुंच
शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में योजना का विस्तार हो रहा है। अम्बिकापुर शहर में 1,000 के लक्ष्य के विरुद्ध 2,158 आवेदन मिले और 1,360 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए गए।
वहीं, अम्बिकापुर ग्रामीण क्षेत्र में 1,000 के लक्ष्य के मुकाबले 1,124 आवेदन प्राप्त हुए। यहां 373 घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं।
ये आंकड़े जिले में सौर ऊर्जा अपनाने के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाते हैं।
विनोद कुमार राय के घर की छत बनी ऊर्जा उत्पादन का माध्यम
अम्बिकापुर के राजेंद्र प्रसाद वार्ड, दर्रीपारा निवासी विनोद कुमार राय के परिवार का अनुभव इस बदलाव की तस्वीर प्रस्तुत करता है। सोलर संयंत्र लगाने से पहले उनके घर का बिजली बिल कई बार 4 से 5 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंच जाता था।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवेदन किया और घर की छत पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कराया। लगभग 2 लाख रुपये की लागत वाले संयंत्र पर उन्हें केंद्र सरकार से ₹78,000 और राज्य सरकार से ₹30,000 की सब्सिडी मिली। इस तरह कुल ₹1.08 लाख की अनुदान सहायता प्राप्त हुई।
विनोद राय ने सब्सिडी की राशि सोलर संयंत्र के लिए लिए गए बैंक ऋण में जमा की। उनके अनुसार, कई बार संयंत्र से उत्पादित बिजली घरेलू खपत से अधिक हो जाती है। ऐसी स्थिति में अतिरिक्त बिजली ग्रिड में चली जाती है और निर्धारित नियमों के अनुसार उसका लाभ मिलता है।
नीधि वर्मा के परिवार को बिजली खर्च में राहत
अम्बिकापुर के मायापुर निवासी नीधि वर्मा ने भी योजना के तहत अपने घर में सोलर बिजली संयंत्र स्थापित कराया। उनके अनुसार, संयंत्र लगने से पहले घर का बिजली बिल लगभग 4 से 5 हजार रुपये प्रतिमाह आता था। सौर ऊर्जा से घरेलू जरूरतें पूरी होने के बाद बिजली खर्च में राहत मिली है।
नीधि वर्मा को भी केंद्र सरकार से ₹78,000 और राज्य सरकार से ₹30,000 सहित कुल ₹1.08 लाख की सब्सिडी मिली। उनका कहना है कि पहले उनका परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता था, लेकिन अब घर की छत से बिजली का उत्पादन भी कर रहा है।
स्मार्ट मीटर और ‘मोर बिजली’ ऐप से खपत पर नजर
रूफटॉप सोलर व्यवस्था के साथ डिजिटल तकनीक भी बिजली उपयोग को समझने और नियंत्रित करने में मदद कर रही है। स्मार्ट मीटर और ‘मोर बिजली’ ऐप के माध्यम से उपभोक्ता अपने घर की बिजली खपत से संबंधित जानकारी देख सकते हैं।
विनोद कुमार राय बताते हैं कि वे स्मार्ट मीटर और ऐप की मदद से प्रतिदिन की बिजली खपत पर नजर रखते हैं। इससे अनावश्यक रूप से चल रहे विद्युत उपकरणों को बंद करने और बिजली के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
बिजली बिल में राहत के साथ पर्यावरण संरक्षण
सौर ऊर्जा का महत्व केवल आर्थिक बचत तक सीमित नहीं है। सूर्य से प्राप्त ऊर्जा के उपयोग से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है।
एक घर की छत पर लगा सोलर संयंत्र छोटी इकाई हो सकता है, लेकिन जब अधिक परिवार इससे जुड़ते हैं तो सामूहिक रूप से यह स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का बड़ा माध्यम बन सकता है।
उपभोक्ता से ऊर्जा उत्पादक बनने की दिशा में कदम
परंपरागत व्यवस्था में आम नागरिक विद्युत ग्रिड से बिजली लेकर उसका उपयोग करता है। रूफटॉप सोलर इस व्यवस्था में नया आयाम जोड़ता है। अब उपभोक्ता अपने घर की छत पर बिजली का उत्पादन कर सकता है, पहले अपनी जरूरत पूरी कर सकता है और परिस्थितियों के अनुसार अतिरिक्त बिजली ग्रिड को उपलब्ध करा सकता है।
सरगुजा में प्राप्त आवेदनों और स्थापित संयंत्रों की संख्या बताती है कि शहरी और ग्रामीण परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ने के लिए आगे आ रहे हैं। विनोद कुमार राय और नीधि वर्मा जैसे परिवारों के अनुभव इस बदलाव को जमीन पर साकार होते दिखाते हैं।
बिजली खर्च में संभावित राहत, अतिरिक्त बिजली से ग्रिड को सहयोग और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में भागीदारी के जरिए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना परिवारों को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।


