रायपुर/जशपुर। वर्षों से जिस कृषि भूमि पर खेती कर परिवार का जीवन-यापन कर रहे जशपुर जिले के ग्राम कंडोरा निवासी किसान रतम राम के लिए राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं होने की समस्या अब दूर हो गई है। उनके पिता स्वर्गीय सुखरू के निधन के कई वर्ष बाद भी कृषि भूमि के राजस्व अभिलेख बी-1 में उन्हीं का नाम दर्ज था।
लोक सेवा गारंटी के माध्यम से आवेदन करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी की गई और फौती नामांतरण के बाद अब बी-1 में रतम राम का नाम दर्ज हो गया है। इससे जमीन से जुड़े विभिन्न कार्यों और शासकीय योजनाओं से संबंधित प्रक्रियाओं में उन्हें सुविधा मिलने की राह आसान हुई है।
वर्षों से पिता के नाम दर्ज था जमीन का रिकॉर्ड
कंडोरा निवासी किसान रतम राम के पिता स्वर्गीय सुखरू के निधन के बाद भी कृषि भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज था। जीवित वारिस के रूप में रतम राम का नाम दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें भूमि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
किसान के लिए कृषि भूमि उसकी आजीविका का महत्वपूर्ण आधार होती है। ऐसे में राजस्व रिकॉर्ड में सही नाम दर्ज होना भूमि से जुड़े अधिकारों और शासकीय प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
लोक सेवा गारंटी के माध्यम से हुआ समाधान
समस्या के निराकरण के लिए रतम राम ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन के बाद राजस्व विभाग ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की।
पटवारी जांच, मौका मुआयना और दावा-आपत्ति सहित आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उनका फौती नामांतरण किया गया। इसके बाद राजस्व अभिलेख बी-1 में रतम राम का नाम दर्ज हो गया।
छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग के आधिकारिक भू-अभिलेख पोर्टल पर B-1/P-II प्राप्त करने और नामांतरण आवेदन एवं उसकी वर्तमान स्थिति देखने जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं।
किसान योजनाओं से जुड़ने की राह हुई आसान
राजस्व अभिलेख अपडेट होने के बाद रतम राम के लिए कृषि भूमि से जुड़ी विभिन्न शासकीय प्रक्रियाओं में सुविधा होने की उम्मीद है। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और एग्रीस्टैक के तहत डिजिटल किसान पहचान से संबंधित प्रक्रियाएं भी शामिल हैं।
हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक लाभ संबंधित योजना के निर्धारित पात्रता एवं दस्तावेजी मानदंडों के अनुसार ही मिलेगा।
रतम राम ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
अपनी समस्या का समाधान होने से प्रसन्न किसान रतम राम ने कहा, “मेरे पिता के नाम पर जमीन होने से मुझे लाभ नहीं मिल रहा था। लोक सेवा गारंटी से मेरा काम समय पर हो गया और बी-1 में मेरा नाम आ गया। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन को दिल से धन्यवाद देता हूं।”
समयबद्ध राजस्व सेवाओं से मिली राहत
रतम राम का मामला बताता है कि राजस्व रिकॉर्ड का समय पर अद्यतन होना किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने से भूमि संबंधी रिकॉर्ड स्पष्ट होता है और संबंधित शासकीय प्रक्रियाओं में दस्तावेजी कार्यवाही आसान हो सकती है।
छत्तीसगढ़ राजस्व विभाग की वेबसाइट पर नामांतरण, B-1/P-II और राजस्व प्रकरणों से जुड़ी नागरिक सेवाओं के साथ लोक सेवा गारंटी संबंधी व्यवस्था भी उपलब्ध है।


