नई दिल्ली, 2 नवंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो-2026 में शामिल होने पहुंचे। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी मौजूद रहे।
समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन प्रस्तावित है। इसके बाद विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच राउंड टेबल चर्चा आयोजित की जाएगी।
वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ की ऊर्जा क्षमता होगी प्रस्तुत
इस वैश्विक आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ के ऊर्जा विजन और निवेश संभावनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत करेंगे। उनका जोर राज्य को पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी विकसित करने पर रहेगा।
मुख्यमंत्री राज्य की प्राकृतिक संसाधन क्षमता, ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं, ग्रीन एनर्जी के विस्तार और भविष्य की निवेश योजनाओं की जानकारी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने रखेंगे।
सौर ऊर्जा और निजी निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाना है। इसके साथ ही राज्य को देश की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में स्थापित करने पर जोर रहेगा।
इसके तहत सौर ऊर्जा सहित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को प्रोत्साहन, आधुनिक ऊर्जा अधोसंरचना का विकास और निजी निवेश की भागीदारी बढ़ाने जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद कर छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं तथा निवेश के अनुकूल वातावरण की जानकारी भी साझा करेंगे। राज्य सरकार का प्रयास ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्ध क्षमता को नए निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास के अवसरों में बदलना है।
130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि ले रहे हैं हिस्सा
2 से 5 नवंबर तक आयोजित इस वैश्विक समिट में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की जानकारी दी गई है। ऐसे में यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए अपनी ऊर्जा नीति, निवेश संभावनाओं और हरित ऊर्जा संबंधी योजनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर है।
समिट के माध्यम से राज्य सरकार का प्रयास छत्तीसगढ़ की ऊर्जा क्षमता को वैश्विक निवेशकों तक पहुंचाना और स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नई साझेदारियों की संभावनाएं तलाशना है।

