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धार। पुराने लोगों से आपने सुना होगा कि ‘जर, जोरू और जमीन’ सिर्फ इन्हीं तीनों के चलते अच्छा खासा परिवार…

इंदौर। मध्यप्रदेश में लव जिहाद सरीखे मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है। भोपाल टीआईटी कॉलेज का मामला अभी थमा…

नई दिल्ली। चर्चित ट्रैवल ब्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को भारत के खिलाफ देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के…

रतलाम। ज़िले के नामली थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप…

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक तलाकशुदा महिला के साथ आरोपी…

कवर्धा। शादी, बस नाम सुनते ही चेहरे पर मुस्कान और दिल में हलचल सी होने लगती है। और जब बात…

रायपुर। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित राजधानी के तेलीबांधा चौक में लगातार हो रहे एक्सीडेंट…

 बीजापुर। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर सुरक्षा बलों का अब तक का सबसे बड़ा एंटी-नक्सल ऑपरेशन…

अंबिकापुर। सरगुजा जिले में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक प्रेमी ने अपनी गर्भवती प्रेमिका को जबरन…

धमतरी। धमतरी जिले  के रिसगांव रेंज अंतर्गत मासुलखोई गांव में सोमवार को मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक दुखद घटना सामने आई, जिसमें चार वर्षीय नर तेंदुए की मौत हो गई यह मुठभेड़ उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र में हुई। घटना के वक्त ग्रामीण रंजीत नेताम खेत की रखवाली कर रहे थे, तभी अचानक झाड़ियों से निकलकर एक तेंदुआ उन पर झपट पड़ा अपनी जान बचाने के लिए रंजीत ने लाठी से तेंदुए पर हमला किया।इस आत्मरक्षा के प्रयास में तेंदुए ने भी रंजीत पर पलटकर हमला किया, जिससे चेहरे और पैर पर गंभीर चोटें आईं और सात टांके लगाने पड़े। वन विभाग की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि तेंदुए की गर्दन और पीठ पर करीब 7 दिन पुराने जख्मों के निशान पहले से मौजूद थे। माना जा रहा है कि ये चोटें किसी अन्य तेंदुए से संघर्ष के दौरान लगी थीं, जिससे वह पहले ही कमजोर हो चुका था। हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को ट्रैक करने के लिए ड्रोन की मदद ली गई। गंभीर रूप से घायल तेंदुए को पकड़कर रेस्क्यू वाहन के जरिए उपचार के लिए ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। वन मंडल अधिकारी (DFO) वरुण जैन ने बताया कि तेंदुए की उम्र लगभग चार साल थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को “अलर्ट” मोबाइल ऐप और मुनादी के ज़रिए मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव हेतु जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वन विभाग लगातार निगरानी रख रहा है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।