नीमच। एक समय जिन पति-पत्नी के अच्छे रिश्तों की मिसाल दी जाती थी आज वे एक-दूसरे से जुदा हो चुके हैं। दोनों ने अलग-अलग रहने का निर्णय लिया है। पत्नी ने पति पर धारा 498ए (दहेज प्रताड़ना) और 125 (भरण-पोषण) के तहत केस दर्ज किया है। इस वजह से यह कपल इन दिनों चर्चा में है।
दरअसल नीमच जिले के अठाना के रहने वाले कृष्णकुमार (केके) धाकड़ ने राजस्थान के अंता गांव में पत्नी से प्रताड़ित होकर एक अनोखा कदम उठाया है। उन्होंने गांव के चौराहे पर ही चाय की एक टपरी खोल दी है, जो अब लोगों की निगाहों का केंद्र बन गई है। धारा 498ए में फंसे केके धाकड़ चाय की टपरी पर हथकड़ी पहनकर चाय बना रहे हैं। इतना ही नहीं, टपरी के बाहर लगे होर्डिंग पर लिखा है जब तक नहीं मिलेगा न्याय, तब तक उबलती रहेगी चाय। एक अन्य स्लोगन है आओ चाय पर करें चर्चा 125 में कितना देना पड़ेगा खर्चा। केके की यह अनोखी चाय की टपरी इन दिनों नीमच जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। इससे पहले भी केके सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी से प्रताड़ित होने की कहानी साझा कर चुके हैं।
नीमच जिले के अठाना नगर परिषद निवासी कृष्णकुमार धाकड़ की शादी 6 जुलाई 2018 को राजस्थान के अंता गांव की एक युवती से हुई थी। दोनों ने लगभग 4 साल तक साथ जीवन बिताया। इस दौरान उन्होंने सरकारी योजना के तहत मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग ली और बड़े स्तर पर कारोबार शुरू किया। जल्द ही उनका शहद का व्यापार जिले से लेकर देशभर में फैलने लगा। 8 अप्रैल 2021 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनके कार्य की सराहना की थी। लेकिन अक्टूबर 2022 में आपसी विवाद के चलते पत्नी अपने पीहर लौट गई। व्यापार ठप हो गया और कुछ समय बाद पत्नी ने 498ए और 125 के तहत केस दर्ज करवा दिया। अब केके इन कानूनी दांव-पेंचों से बेहद परेशान हो चुके हैं। इसी परेशानी के चलते उन्होंने अंता में चाय की टपरी शुरू की है। वे खुद को 498ए वाला बाबा कहते हैं और अपना लुक भी बाबा की तरह रखा है।
दहेज प्रताड़ना के झूठे केस से परेशान अठाना के कृष्णकुमार धाकड़ ने राजस्थान के अंता में शुरु की इस अनोखी चाय की टपरी का नाम 498ए टी कैफे रखा है । लोग जब भी टपरी पर चाय पीने आते है। दुकान के नाम को देखकर अचरज में पड़ जाते है। लोगों में नाम जानने की उत्सुकता बढ़ती है और फिर वहीं 498ए से प्रताडित पति अपनी दांसतान लोगों को सुनाता है। हथकड़ी पहन चाय बनाता- यह चाय की टपरी अपने आम में अतरंगी है, क्योंकि यहां अजिब और सवालों से भरे होर्डिंग और पोस्टर लगे है।
इसके अलावा हाथ में हथकड़ी पहने चाय बनाते केके धाकड़ लोगों को अपनी आकर्षित कर रहा है। तो वहीं दुकान पर वरमाला और दूल्हे का सेहरा भी सजाया गया है। वहां लगे होर्डिंग पर लिखा है- जब तक नहीं मिलता न्याय, तब तक उबलती रहेगी चाय। एक अन्य स्लोगन है- आओ चाय पर करें चर्चा, 125 में कितना देना पड़ेगा खर्चा। केके को आ चुका है आत्महत्या का ख्याल- केके ने बताया कि पत्नी की प्रताड़ना से वह परेशान है। वह पिछले तीन साल से न्याय के लिए भटक रहा हैं। उसकी मां बूढ़ी है, उसके लिए सहारा सिर्फ उसकी मां ही हैं। उसे टीन शेड में रहना पड़ रहा है। कई बार केके के मन में आत्महत्या करने का विचार भी आया, लेकिन तभी उसे उसकी मां का ख्याल आ गया।
कानून के दुरुपयोग का लगाया आरोप- केके धाकड़ ने हाल ही में हुए धारा 498ए और 125 के दुरुपयोगों का जिक्र किया है। केके बताते है कि आजकल महिलाएं कानून का दुरुपयोग कर रही हैं। मेरठ और इंदौर में हुए मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि पुरुषों को झूठे केस में फंसाया जा रहा है। अब वह चाय बेचकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक चाय उबलती रहेगी।

