बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक परिसरों में RSS की गतिविधियों पर रोक लगाने का फैसला लिया है। राज्य के मंत्री प्रियंक खरगे ने इसकी जानकारी गुरुवार को दी है।
दरअसल, कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र प्रियंक खरगे ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से अनुरोध किया था कि वह सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को RSS के द्वारा आयोजित कार्यक्रमों व गतिविधियों में भाग लेने से प्रतिबंध किया जाए। इस संबंध में उन्होंने एक पत्र भी लिखा था। जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को RSS और अन्य समान संगठनों की गतिविधियों में भाग लेने से जाए। उन्होंने कर्नाटक सिविल सेवा (आचरण) नियमों का हवाला देते हुए कहा, “कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी राजनीतिक दल या राजनीति में शामिल संगठन का सदस्य नहीं हो सकता, न ही किसी राजनीतिक आंदोलन या गतिविधि में भाग ले सकता है।” जिसके बाद अब मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने उनके इस मांग पर मुहर लगा दी है।
प्रियंक खरगे ने कहा कि इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन हाल के दिनों में यह देखा गया है कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी आरएसएस और ऐसे अन्य संगठनों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों और गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। उन्होंने आग्रह किया, “इसलिए राज्य के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को आरएसएस और ऐसे अन्य संगठनों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों एवं गतिविधियों में भाग लेने से सख्ती से रोका जाना चाहिए।

