रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र की औपचारिक शुरुआत हो गई है। सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि यह दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुकी है और नवीन विधानसभा भवन में पहली बार सदन की कार्यवाही हो रही है। यह अवसर हम सभी के लिए गर्व और गौरव का क्षण है, जिसके साक्षी बनकर विधानसभा के सभी सदस्य स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं।
सत्र के दौरान विधानसभा में विजन डॉक्यूमेंट–2047 पर चर्चा की शुरुआत हुई। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि भारत विश्व का एक युवा देश है और आगे बढ़ने के लिए स्पष्ट और दीर्घकालिक विजन आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था वर्तमान में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी है और वर्ष 2047 तक इसके 64 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ के लिए भी दीर्घकालिक विकास का विजन तैयार किया गया है।
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि वर्ष 2000 में राज्य निर्माण के समय छत्तीसगढ़ में एक भी राष्ट्रीय स्तर का संस्थान नहीं था, लेकिन बीते 25 वर्षों में प्रदेश ने शिक्षा, स्वास्थ्य, स्कूल-कॉलेज और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने बेहतर उद्योग नीति बनाई है, जिसमें युवाओं के लिए रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है।
ओपी चौधरी ने कहा कि प्रदेश में माओवाद अब अंतिम चरण में है, जिससे बस्तर सहित पूरे क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं खुल रही हैं। चंपारण और डोंगरगढ़ जैसे धार्मिक-आध्यात्मिक स्थलों के साथ-साथ खनिज संसाधनों से समृद्ध छत्तीसगढ़ देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। चिनाब ब्रिज, आईएनएस विक्रांत और मुंबई-बांद्रा सी लिंक जैसे राष्ट्रीय परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ के स्टील और सीमेंट का उपयोग राज्य की मजबूत औद्योगिक क्षमता को दर्शाता है।
विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि 25 वर्षों की यात्रा में छत्तीसगढ़ ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। आज प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े कई राष्ट्रीय स्तर के संस्थान स्थापित हो चुके हैं। इंडस्ट्रियल ग्रोथ इस विजन डॉक्यूमेंट का अहम हिस्सा है, जिसमें युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष फोकस किया गया है।
विधानसभा सचिवालय के अनुसार 16 दिसंबर को अनुपूरक मांगों पर चर्चा की जाएगी। वहीं छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा शर्तों का विनिमय संशोधन) विधेयक 2025 को सदन में पारित किए जाने की संभावना है। इसके अलावा विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रतिवेदन भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे।
नए विधानसभा भवन में आयोजित हो रहा यह पहला शीतकालीन सत्र राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसके हंगामेदार रहने के भी पूरे आसार हैं।

