नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट से एक अनुभवी ऑलराउंडर ने संन्यास ले लिया है। कर्नाटक के सीनियर खिलाड़ी कृष्णप्पा गौतम ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की आधिकारिक घोषणा कर दी है। 37 वर्षीय गौतम ने यह घोषणा 21 दिसंबर को कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के मीडिया लाउंज में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की।
कृष्णप्पा गौतम का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही लंबा नहीं रहा, लेकिन वह हमेशा चर्चा में बने रहे। उन्हें भारत के लिए 23 जुलाई 2021 को श्रीलंका के खिलाफ अपना इकलौता वनडे मैच खेलने का मौका मिला। इस मुकाबले में उन्होंने मिनोद भानुका का विकेट लिया, जो उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का एकमात्र विकेट रहा।
इंडियन प्रीमियर लीग में गौतम ने खुद को एक उपयोगी ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया। 2021 के आईपीएल ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 9.25 करोड़ रुपये में खरीदा था, जिससे वह उस समय सबसे महंगे अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बन गए थे। बाद में यह रिकॉर्ड आवेश खान और फिर 2026 के मिनी ऑक्शन में कार्तिक शर्मा व प्रशांत वीर ने तोड़ा।
अपने आईपीएल करियर के दौरान कृष्णप्पा गौतम ने कुल पांच फ्रेंचाइज़ियों का प्रतिनिधित्व किया। इनमें मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, पंजाब किंग्स, चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स शामिल हैं। उनका आखिरी आईपीएल मुकाबला मई 2024 में लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ रहा।
आईपीएल में गौतम ने कुल 36 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 247 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 166.90 रहा। गेंदबाज़ी में उन्होंने 21 विकेट झटके और उनकी इकॉनमी 8.24 रही। निचले क्रम में उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी कई बार टीम के लिए मैच का रुख बदलने वाली साबित हुई।
घरेलू क्रिकेट में कृष्णप्पा गौतम का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 32 मैचों में 737 रन बनाए और 116 विकेट हासिल किए। लिस्ट ए क्रिकेट में 32 मैचों में उनके नाम 400 रन और 51 विकेट रहे। घरेलू टी20 क्रिकेट में उन्होंने 49 मैचों में 454 रन बनाए और 32 विकेट झटके।
कृष्णप्पा गौतम का सबसे यादगार प्रदर्शन 2019 की कर्नाटक प्रीमियर लीग में देखने को मिला। बेल्लारी टस्कर्स के लिए खेलते हुए उन्होंने सिर्फ 56 गेंदों में 134 रन बनाए और 39 गेंदों में शतक पूरा किया। इसी मुकाबले में उन्होंने गेंदबाज़ी करते हुए 15 रन देकर 8 विकेट भी झटके। यह प्रदर्शन घरेलू टी20 क्रिकेट के सबसे ऐतिहासिक ऑलराउंड प्रदर्शनों में गिना जाता है।
गौतम ने भारत ए टीम के लिए कई मुकाबले खेले और टेस्ट व टी20 टीम में चयन के क़रीब भी पहुंचे, लेकिन उनका अंतरराष्ट्रीय करियर एक वनडे मैच तक ही सीमित रह गया। कृष्णप्पा गौतम का संन्यास भारतीय घरेलू क्रिकेट के एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।


