बिलासपुर। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने एसआईआर (SIR) के प्रथम चरण की समाप्ति के बाद जिले के सभी राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर प्रक्रिया की जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि एसआईआर के बाद अब दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बिलासपुर शहर में कटे सबसे ज्यादा नाम
बैठक में जानकारी दी गई कि एसआईआर के बाद की सूची में बिलासपुर शहर से करीब 92 हजार नाम हटाए गए हैं। रायपुर के बाद बिलासपुर ऐसा जिला है, जहां सबसे अधिक मतदाता नाम सूची से कटे हैं।
22 जनवरी तक नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि 22 जनवरी तक नए नाम जोड़ने और कटे हुए नामों को पुनः जोड़ने की प्रक्रिया जारी रहेगी। जिन मतदाताओं के नाम किसी कारणवश सूची से हटे हैं, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा-आपत्ति दर्ज कर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं।
दस्तावेज देने पर दोबारा जुड़ेगा नाम
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता का नाम गलती या तकनीकी कारणों से कटा है, तो दस्तावेज प्रस्तुत करने पर नाम पुनः जोड़ा जाएगा। इसमें घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
कांग्रेस पदाधिकारी भी बैठक में शामिल
बैठक में कांग्रेस शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री भी उपस्थित रहे।
सिद्धांशु मिश्रा ने बताया कि शहर में लगभग 92 हजार मतदाताओं के नाम कटे हैं, जिनको जोड़ने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
कांग्रेस करेगी जागरूकता अभियान
शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस कमेटी इस संबंध में बैठक बुलाएगी और आम लोगों को नाम जुड़वाने के लिए जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हर बूथ पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा, ब्लॉक अध्यक्षों को विशेष रूप से जिम्मेदारी दी जाएगी ताकि अधिक से अधिक मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े जा सकें।
थोड़ी जागरूकता जरूरी
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नाम जुड़वाने की प्रक्रिया कठिन नहीं है, लेकिन इसके लिए मतदाताओं को भी थोड़ी जागरूकता दिखानी होगी।

