बलरामपुर। धान खरीदी वर्ष 2025-26 की प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज ने दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के उल्लंघन के आधार पर की गई है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार तहसील रामचन्द्रपुर में पदस्थ पटवारी बंधन राम द्वारा धान खरीदी से संबंधित कार्यों में गंभीर लापरवाही बरती गई थी। किसानों से जुड़े दस्तावेजों के संधारण, समय पर सत्यापन और उच्च अधिकारियों के निर्देशों के पालन में अनियमितताएं पाई गईं। मामले की जांच अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रामानुजगंज द्वारा की गई, जिसकी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई।
जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत पटवारी बंधन राम को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय कुसमी निर्धारित किया गया है।
इसी क्रम में तहसील रामानुजगंज में पदस्थ पटवारी विजय यादव के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की गई है। विजय यादव पर धान खरीदी वर्ष 2025-26 के साथ-साथ निर्वाचन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप लगे थे। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर कलेक्टर ने उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय शंकरगढ़ तय किया गया है।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दोनों निलंबित पटवारी निलंबन अवधि के दौरान नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने के पात्र होंगे। आदेश जारी होते ही निलंबन की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि धान खरीदी और निर्वाचन जैसे जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि आगे भी शासकीय योजनाओं और कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।

