अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में मुगल इतिहास और हिंदू समाज को लेकर दिए गए बयानों ने नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बाद अब पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के बयान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं ने इसे हिंदू समाज की भावनाओं से खिलवाड़ बताते हुए कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
टीएस सिंहदेव और भूपेश बघेल के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता लगातार जनता को गुमराह करने का काम करते आए हैं। सांसद ने आरोप लगाया कि टीएस सिंहदेव ने स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए वैक्सीन का विरोध किया, जबकि पार्टी के लोग खुद चुपचाप वैक्सीनेशन करवाते रहे।
संतोष पांडेय ने आगे कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा सनातन परंपरा का अपमान किया गया है। उन्होंने प्रियांक खरगे और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के सहयोगी दल सनातन धर्म को गालियां दे रहे हैं। उन्होंने टीएस सिंहदेव से अंबिकापुर, रतनपुर, डोंगरगढ़ और कूदरगढ़ के ट्रस्टों के चढ़ावे का हिसाब सार्वजनिक करने की भी मांग की।
वहीं, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी कांग्रेस पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वैचारिक रूप से दुविधा में है। वह न तो हिंदुत्व की हितैषी है और न ही किसी वर्ग का भरोसा जीत पा रही है। अल्पसंख्यक वोट बैंक की राजनीति के चलते कांग्रेस अब जनता का विश्वास खो चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ आज न हिंदू हैं, न अल्पसंख्यक और न ही ईसाई समाज।
गौरतलब है कि टीएस सिंहदेव ने हाल ही में मुगल इतिहास पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि मुगल संख्या में कम थे और उन्होंने अपने धर्म का विस्तार जबरन नहीं किया। उन्होंने कहा कि इतिहास में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिलता जिससे यह साबित हो कि मुगलों ने हिंदुओं पर संगठित अत्याचार किए हों। सिंहदेव ने यह भी कहा कि वे स्वयं इतिहास के छात्र हैं और एमए कर चुके हैं।
टीएस सिंहदेव के इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है और भाजपा इसे लेकर कांग्रेस को लगातार घेर रही है।

