रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले की बालिका गृह में रहने वाली कुमारी योगिता मंडावी ने प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। योगिता को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें जूडो खेल में अच्छे प्रदर्शन के लिए मिला।
दिल्ली में हुए कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने योगिता को पुरस्कार दिया। यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है।
योगिता के माता-पिता का निधन तब हो गया था जब वह सिर्फ 4 साल की थीं। इसके बाद वह कोंडागांव बालिका गृह में रहने लगीं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद योगिता ने मेहनत जारी रखी और आगे बढ़ती रहीं।
13 साल की उम्र में योगिता ने जूडो में राज्य स्तर पर पहचान बनाई। 14 साल की उम्र से उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतना शुरू किया।
बालिका गृह की अधीक्षिका मणि शर्मा ने बताया कि राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिलना योगिता के लिए बहुत खास पल था। वह इस कार्यक्रम में योगिता के साथ मौजूद थीं।
जिला कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने योगिता की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में यह सम्मान पाना बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि योगिता ने जिले, प्रदेश और देश का नाम बढ़ाया है।

