रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाला प्रदेश का पहला राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी आयोजन शुरू होने से पहले ही बड़े विवादों में घिर गया है। कांग्रेस ने टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इसे बड़ा भ्रष्टाचार बताया है और आयोजन को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। मामले की शिकायत ACB/EOW में दर्ज कराई जा चुकी है, वहीं कांग्रेस अब राज्यपाल से भी शिकायत करने की तैयारी में है।
कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद यह मामला तब और तूल पकड़ गया जब भाजपा सांसद एवं छत्तीसगढ़ राज्य भारत स्काउट्स एंड गाइड्स परिषद के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल का बयान सामने आया। इसके बाद मुख्यमंत्री के एक कथित डिलीट ट्वीट को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए विभागीय स्तर पर स्पष्टीकरण जारी किया है।
कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सुबोध हरितवाल ने स्कूल शिक्षा विभाग पर टेंडर प्रक्रिया से पहले ही निजी कंपनी से काम कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी के आयोजन का टेंडर 3 जनवरी को जेम पोर्टल पर खुलना था, लेकिन उससे पहले ही आयोजन स्थल शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बालोद में निजी कंपनी द्वारा पूरी तैयारी के साथ काम शुरू कर दिया गया था। मौके पर भारत किराया भंडार के ट्रक, सामग्री और श्रमिकों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि काम पहले से तय था।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, तो कंपनी को किसके आदेश पर काम करने की अनुमति दी गई। जेम पोर्टल जैसी पारदर्शी प्रणाली के बावजूद टेंडर की जानकारी पहले कैसे लीक हुई और क्या विभागीय मंत्री द्वारा पहले ही कंपनी को काम मिलने का आश्वासन दिया गया था। कांग्रेस ने यह भी पूछा कि नियमों का पालन करते हुए टेंडर का इंतजार कर रहे अन्य निविदाकर्ताओं के साथ अन्याय क्यों किया गया और संभावित वित्तीय नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है और वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। बघेल ने आरोप लगाया कि बालोद जिले में 9 से 13 जनवरी तक प्रस्तावित जंबूरी के नाम पर 5 करोड़ रुपये से अधिक के काम बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के पहले ही करा दिए गए, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने निष्पक्ष जांच होने पर कई बड़े नाम सामने आने की बात कही।
मामले को लेकर कांग्रेस ने ACB/EOW कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को दरकिनार किया गया। शिकायत सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।
इधर विवादों के बीच छत्तीसगढ़ राज्य भारत स्काउट्स एंड गाइड्स परिषद की बैठक 5 जनवरी को हुई, जिसमें सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में बालोद में प्रस्तावित राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। परिषद का कहना है कि लगातार सामने आ रहे प्रशासनिक विवादों और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। परिषद ने स्पष्ट किया कि यदि इसके बावजूद आयोजन किया जाता है तो इसकी समस्त प्रशासनिक, वित्तीय और नैतिक जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग की होगी।
हालांकि शिक्षा विभाग ने जंबूरी के स्थगन की खबरों को भ्रामक बताया है। विभाग का कहना है कि राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी। आयोजन से जुड़ी जानकारी देने के लिए 8 जनवरी को जंबूरी स्थल दुधली, जिला बालोद में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी।
विवादों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि जंबूरी से जुड़ा लगभग 5 करोड़ रुपये का काम जेम पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि बिना टेंडर भुगतान होने की स्थिति में ही भ्रष्टाचार माना जाता है, जबकि यहां पूरी प्रक्रिया नियमानुसार है। मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष राष्ट्रीय स्तर के आयोजन को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जंबूरी से संबंधित सभी विषयों पर प्रेस वार्ता में स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रेस वार्ता का इंतजार किया जाए, सभी सवालों के जवाब सामने आ जाएंगे।

