रायपुर। CGMSC में सामने आए करीब 660 करोड़ रुपये के रीएजेंट घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में जेल में बंद मोक्षित कार्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा को ईडी ने प्रोटेक्शन वारंट पर कोर्ट में पेश किया, जहां से पूछताछ के लिए 19 जनवरी तक पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है।
उल्लेखनीय है कि रीएजेंट घोटाले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय द्वारा भी की जा रही है। ईडी ने अपने प्रकरण में शशांक चोपड़ा को पहली बार गिरफ्तार किया है। फिलहाल वह ईओडब्ल्यू के एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, शशांक चोपड़ा को CGMSC रीएजेंट घोटाले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। इससे पहले ईडी ने पीएमएलए के तहत मामला दर्ज करने के बाद 30 और 31 जुलाई को मोक्षित कार्पोरेशन से जुड़े डायरेक्टरों और अधिकारियों के करीब 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी।
इसके बाद अगस्त माह में ईडी ने शशांक चोपड़ा और उसके परिजनों की 40 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को अटैच किया था। अब अगस्त की कार्रवाई के बाद एक बार फिर नए सिरे से पूछताछ के लिए ईडी ने कोर्ट से रिमांड लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, इस पूछताछ के दौरान घोटाले से जुड़े पैसों के लेन-देन, कंपनियों के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी ईडी की कार्रवाई तेज हो सकती है।

