बिलासपुर/रायपुर, 20 जनवरी 2026। मुंगेली जिले में धान खरीदी और परिवहन में हुई बड़ी गड़बड़ी पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। आईसीसीसी मार्कफेड रायपुर से प्राप्त अलर्ट के आधार पर की गई जांच में धान की अवैध ओवरलोडिंग, फर्जी वाहनों से परिवहन और रिसायक्लिंग जैसे गंभीर मामलों का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि धान उठाव करने वाले वाहनों द्वारा निर्धारित क्षमता से 200 प्रतिशत से लेकर 1116 प्रतिशत तक अधिक ओवरलोडिंग कर अवैध परिवहन किया गया।
कलेक्टर कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर खाद्य विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने विस्तृत जांच की। इसमें राइस मिलरों, समिति प्रबंधकों और अन्य संलिप्त व्यक्तियों द्वारा संगठित फर्जीवाड़ा कर शासन को 8 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाने का खुलासा हुआ है। इस गंभीर प्रकरण में विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ आरोपी अभी फरार हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने जानबूझकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए, पीडीएस चावल का वितरण नहीं किया, फर्जी वाहन नंबरों से धान परिवहन दर्शाया और वास्तविक मात्रा से अधिक धान उठाव दिखाकर शासन को नुकसान पहुंचाया। प्रारंभिक जांच में करीब 11 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी और परिवहन में अनियमितता के प्रमाण मिले हैं।
नवागांव घुठेरा समिति द्वारा उपलेटा राइस मिल से मिलीभगत कर 74 जीपीएस युक्त और 40 से अधिक बिना जीपीएस वाहनों के माध्यम से अवैध परिवहन किया गया। इसी तरह, सिंघनुपरी उपार्जन केंद्र द्वारा एसएस फूड के साथ मिलकर 4,542 क्विंटल, छटन उपार्जन केंद्र द्वारा दीपक राइस मिल एवं नवकार मिल के साथ 3,589 क्विंटल धान का अवैध परिवहन किया गया। झगरहट्टा उपार्जन केंद्र द्वारा वर्धमान राइस मिलर्स के साथ भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
इन मामलों में उपलेटा और वर्धमान राइस मिल के संचालक, समिति प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं अब्दुल समद, ललित जैन, नवेन्द मेनन और अनिल जांगड़े फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश पुलिस कर रही है।
अन्य थानों में भी दर्ज हुए प्रकरण
थाना फास्टरपुर में अपराध क्रमांक 12/2026 और थाना लालपुर में अपराध क्रमांक 09/2026 के तहत भी धान उपार्जन केंद्रों में फर्जी परिवहन, धोखाधड़ी और अनियमितताओं के मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।


