रायपुर। छत्तीसगढ़ के मशहूर कथावाचक युवराज पांडे इन दिनों लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। उनके कथा वाचन के वीडियो यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इसी बीच उनका एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़िया होने का दर्द खुलकर बयां किया है।
कथा के दौरान युवराज पांडे कहते नजर आ रहे हैं कि बस गलती इतनी है कि हम छत्तीसगढ़िया हैं। उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी भारी भीड़ होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था न के बराबर है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि क्या कोई टारगेट है कि महाराज को निपटाना है।
वीडियो में कथावाचक युवराज पांडे कहते हैं कि यह बेहद दुखद है कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी तक नजर नहीं आ रहे। उन्होंने कहा कि इतनी भीड़ होने के बाद भी प्रशासन की नजर इस ओर नहीं जा रही है।
उन्होंने आगे बताया कि कथा के पहले दिन कलश यात्रा के दौरान कई लोगों की मालाएं चोरी हो गई थीं, जिसके बाद कई भक्त कथा सुनने ही नहीं आए। उन्होंने कहा कि जनसैलाब उमड़ने के बावजूद एक भी सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं है। बस गलती इतनी ही है कि हम छत्तीसगढ़िया हैं, इसके अलावा कोई और गलती नहीं है।
युवराज पांडे ने आगे कहा कि सब कुछ राम भरोसे चल रहा है। भगवान की कृपा से ही व्यवस्था संभली हुई है। अगर कोई अप्रिय स्थिति बनती है तो भगवान जगन्नाथ और छत्तीसगढ़ महतारी ही रक्षा करेंगी। उन्होंने कहा कि चारों ओर कोई सुरक्षा नजर नहीं आ रही है, सिर्फ दो-चार बाउंसर ही व्यवस्था संभाल रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा को लेकर सभी संबंधित विभागों को आवेदन दिया जा चुका है और सूचना भी दी गई है। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था न होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने फिर दोहराया कि क्या कोई टारगेट है कि महाराज को निपटाना है या भीड़ का फायदा उठाना है।
कौन हैं युवराज पांडे
आचार्य रामानुज युवराज पांडे छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध युवा कथावाचक और जस गीत गायक हैं। वे अपनी विशिष्ट छत्तीसगढ़ी शैली में कथा वाचन और देवी भक्ति के पचरा गीतों के लिए जाने जाते हैं। सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है।
कथा वाचन की कला उन्हें विरासत में मिली है। उनके दादा पंडित सदाशिव पांडे एक संत और कथावाचक थे, जबकि उनके पिता भी प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में कथा वाचन किया करते थे। युवराज पांडे ने महज 12 से 13 वर्ष की उम्र में अपने पिता की भागवत कथाओं में प्रवचन देना शुरू कर दिया था।
हाल ही में हुए थे सड़क हादसे का शिकार
गौरतलब है कि कुछ समय पहले कथावाचक युवराज पांडे की कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। इस घटना को लेकर उन्होंने इसे सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि इससे पहले भी उन पर हमला हो चुका है, इसलिए पूरे मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी।

