रायपुर। राजधानी रायपुर के लाखों नागरिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब जमीन, मकान, प्लॉट या किसी भी प्रकार की संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए लोगों को कलेक्टोरेट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बढ़ती भीड़ और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शासन ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नए सब-रजिस्ट्री कार्यालय खोलने का निर्णय लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर शहर के सड्डू, वीआईपी रोड स्थित बेबीलोन, धरसींवा, बीरगांव, टाटीबंध और कमल विहार क्षेत्रों में नए सब-रजिस्ट्री कार्यालय खोले जाएंगे। इनमें से सड्डू और बेबीलोन स्थित कार्यालयों को नया रायपुर की तर्ज पर हाईटेक बनाया जाएगा। इसके बाद अन्य क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से पंजीयन कार्यालय शुरू किए जाएंगे।
इन सभी नए पंजीयन कार्यालयों में एक-एक सब रजिस्ट्रार की तैनाती की जाएगी। वहीं दूसरी ओर कलेक्टोरेट परिसर में भी 9.16 करोड़ रुपये की लागत से नए पंजीयन कार्यालय भवन का निर्माण किया जा रहा है। इस नई इमारत में तीन डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार और आठ सब रजिस्ट्रार बैठेंगे। शहर के चारों दिशाओं में सब-रजिस्ट्री कार्यालय खुलने के बाद कलेक्टोरेट स्थित कार्यालय में भीड़ में काफी कमी आने की उम्मीद है।
रोजाना उमड़ती है भारी भीड़
अधिकारियों के अनुसार कलेक्टोरेट स्थित पंजीयन कार्यालय में रोजाना भारी भीड़ उमड़ती है। वर्तमान में यहां पांच सब रजिस्ट्रार कार्यरत हैं और एक रजिस्ट्रार प्रतिदिन औसतन 40 रजिस्ट्री करता है। इस तरह रोजाना करीब 200 से अधिक रजिस्ट्री होती हैं। रजिस्ट्री के दौरान बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों के साथ आने वाले लोगों को लंबी लाइन में घंटों इंतजार करना पड़ता है।
बैठने की भी नहीं है पर्याप्त व्यवस्था
फिलहाल पंजीयन कार्यालय में बैठने के लिए केवल एक ही हॉल उपलब्ध है, जहां वकील भी बैठते हैं। ऐसे में आम नागरिकों के लिए जगह कम पड़ जाती है। गर्मी और बारिश के मौसम में लोगों को बाहर या आसपास के अन्य दफ्तरों में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
कैमरों की निगरानी में रहेगा नया भवन
पंजीयन कार्यालय में करीब पांच साल पहले कुछ स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, लेकिन कुछ ही समय में वे खराब हो गए। इससे कार्यालय में आने-जाने वालों की निगरानी संभव नहीं हो पा रही थी। नई पंजीयन भवन में हर कमरे और पूरे परिसर को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा, जिससे सुरक्षा और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित हो सके।
नए सब-रजिस्ट्री कार्यालय खुलने से लोगों को अपने नजदीकी क्षेत्र में ही रजिस्ट्री की सुविधा मिलेगी, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी और कलेक्टोरेट की भीड़ से भी निजात मिलेगी।

