कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां नगर सेना (होमगार्ड) के एक जवान ने कथित बर्खास्तगी और लंबे समय से चल रही मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या करने की कोशिश की। जवान ने कलेक्टर परिसर में जहर का सेवन कर लिया, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। घटना के तुरंत बाद उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
कलेक्टर परिसर में जहर सेवन से मची अफरा-तफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित नगर सैनिक की पहचान संतोष पटेल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि संतोष पटेल कुछ समय से नौकरी से बर्खास्त किए जाने को लेकर मानसिक तनाव में था। इसी तनाव के चलते वह कलेक्टर परिसर पहुंचा और वहां जहर का सेवन कर लिया। परिसर में मौजूद लोगों ने जब उसकी हालत बिगड़ती देखी तो तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई। आनन-फानन में उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने के प्रयास में जुटी हुई है।
घटना स्थल और अस्पताल में अधिकारी तैनात
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई, वहीं मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी पुलिस बल तैनात किया गया है। जवान की हालत को गंभीर बताते हुए डॉक्टर लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं।
अस्पताल में उमड़ी नगर सैनिकों की भीड़
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में नगर सेना के जवान मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच गए। अपने साथी की हालत को लेकर जवानों में भारी चिंता और आक्रोश देखने को मिला। कई नगर सैनिकों ने इस घटना को सिस्टम की विफलता बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
सुसाइड नोट बरामद, अधिकारियों पर लगाए आरोप
पुलिस ने पीड़ित नगर सैनिक संतोष पटेल के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसने मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है। सुसाइड नोट में संतोष पटेल ने डिविजनल कमांडेंट और कोरबा कमांडेंट पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। नोट में लिखा गया है कि उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था और बिना उचित सुनवाई के बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई की गई, जिससे वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह घटना नगर सेना और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर रही है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही जिले में महिला नगर सैनिकों ने जिला सेनानी के खिलाफ विशाखा समिति में शिकायत दर्ज कराई थी। उन शिकायतों में भी मानसिक उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। ऐसे में ताजा मामला अब एक बड़े प्रशासनिक और संवेदनशील संकट का रूप लेता नजर आ रहा है।

