नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आम बजट पेश करते हुए देश में खनन और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए माइनिंग कॉरिडोर बनाने का बड़ा ऐलान किया है। बजट भाषण के दौरान उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल को इस योजना के तहत बड़ी सौगात दी गई है। इन राज्यों में खनन आधारित औद्योगिक गलियारों के निर्माण से निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
छत्तीसगढ़ में कहां बनेंगे माइनिंग कॉरिडोर
जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में बॉक्साइट और चूना पत्थर जैसे खनिजों के खनन के लिए कई जिलों में माइनिंग कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। बॉक्साइट और चूना पत्थर खनन के लिए कोरबा, जशपुर, बलरामपुर और बस्तर जिलों का चयन किया गया है। इसके अलावा रायपुर, बलौदाबाजार और दुर्ग जिलों में भी माइनिंग कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
इन माइनिंग कॉरिडोरों के माध्यम से खनन, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का उद्देश्य देश में खनिज आधारित उद्योगों को मजबूत करना और चीन जैसे देशों पर निर्भरता कम करना है। स्वदेशी उत्पादन को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
खनन गलियारों से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
माइनिंग कॉरिडोर बनने से छत्तीसगढ़ में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होने की संभावना है। खनन से लेकर प्रोसेसिंग यूनिट, रिसर्च सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तक स्थानीय युवाओं को काम मिलने का रास्ता खुलेगा। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
देश के अन्य राज्यों में भी बनेंगे डेडिकेटेड मिनरल पार्क
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट निर्माण के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही 1000 मान्यता प्राप्त क्लीनिकल साइट्स बनाई जाएंगी, जहां वैज्ञानिक परीक्षण और रिव्यू किए जा सकेंगे। सेमीकंडक्टर मिशन के तहत उत्पादन, इंडियन आईपी विकसित करने और सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।
रेयर अर्थ मटेरियल को लेकर ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में डेडिकेटेड सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए विशेष मिनरल पार्क बनाए जाएंगे। इसके अलावा हाई टेक टूल रूम दो स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे, जहां हाई प्रेसिजन कंपोनेंट्स का निर्माण होगा। इनमें टनल बोरिंग मशीन से लेकर मल्टी स्टोरी इमारतों के लिए फायर फाइटिंग सिस्टम जैसे अत्याधुनिक उपकरण बनाए जाएंगे।


