दुर्ग। भूमि विक्रय के नाम पर 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी के बहुचर्चित मामले में दुर्ग पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना सुपेला क्षेत्र में दर्ज इस प्रकरण में फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक खाता खुलवाकर ठगी की गई थी। पुलिस ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
फर्जी एग्रीमेंट और दस्तावेजों से रची गई ठगी की साजिश
शिकायतकर्ता ज्ञानेश्वर सिंह ने थाना सुपेला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कातुल बोर्ड, पटवारी हल्का क्रमांक 20, दुर्ग तहसील स्थित खसरा नंबर 144/7 एवं 144/03 की भूमि, जो राजस्व रिकॉर्ड में संदीप जैन और अनुराग जैन के नाम दर्ज है, को आरोपियों ने अपने नाम का बताकर विक्रय के लिए प्रस्तुत किया।
आरोपियों ने 24 जनवरी 2020 को इकरारनामा कर 16 लाख रुपये नकद और 15 लाख रुपये बैंक खाते के माध्यम से प्राप्त किए। बाद में अलग-अलग तिथियों में कुल 55 लाख रुपये की ठगी की गई।
फर्जी आधार-पैन से खुलवाया बैंक खाता
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने भूमि स्वामी के नाम से फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार किए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आईसीआईसीआई बैंक में फर्जी खाता खुलवाकर ठगी की रकम निकाली गई।
पहले दो आरोपी जेल में, अब तीसरा भी गिरफ्तार
मामले में अपराध क्रमांक 191/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है। इससे पहले कुलदीप सिंह सोनी और जोगी सिंह सोनी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
अब तीसरे आरोपी अजमेर सिंह (60 वर्ष), निवासी कल्पतरू अपार्टमेंट, रिसाली, जिला दुर्ग को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं।
सतर्क जांच से खुला पूरा नेटवर्क
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय यादव सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस के अनुसार मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।


