छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश किया है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग टीम ने हाथी दांत की अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गोपनीय सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में टीम उस समय हैरान रह गई जब मुख्य आरोपी के घर की तलाशी के दौरान दीवार के अंदर छिपाकर रखा गया हाथी का बेशकीमती दांत बरामद हुआ। जानकारी के अनुसार आरोपी ने इस हाथी दांत को लगभग 4 साल पहले दीवार में चुनवाकर छिपा दिया था।
पुराना शिकारी भी शामिल
जांच में यह भी सामने आया है कि पकड़े गए आरोपियों में एक पुसऊराम नामक व्यक्ति शामिल है, जो ग्राम सिहार का निवासी है और आदतन शिकारी बताया जा रहा है। वह पहले भी वन्यजीव शिकार के मामलों में शामिल रहा है और हाल ही में जमानत पर बाहर आया था, इसके बावजूद वह फिर से अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया गया।
शिकार के उपकरण भी बरामद
वन विभाग ने कार्रवाई के दौरान मौके से धनुष-तीर, गुलेल और जंगली जानवरों के अंग सहित कई शिकार में उपयोग होने वाले उपकरण भी जब्त किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि उन्हें यह हाथी दांत खेत में मिला था, हालांकि विभाग इस दावे को संदिग्ध मान रहा है।
DNA जांच के लिए सैंपल भेजा गया
मामले की गंभीरता को देखते हुए बरामद हाथी दांत का सैंपल डीएनए परीक्षण के लिए देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान भेजा गया है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि यह दांत किस हाथी का है और उसकी मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई थी।
इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। वन विभाग अब इस तस्करी नेटवर्क की गहराई से जांच कर इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।

