रायपुर। छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए ऐसा नया तरीका अपनाया, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। बाहर से ये लोग कपड़ों के फेरीवाले नजर आते थे, लेकिन बाइक के पीछे बने गुप्त कम्पार्टमेंट में करोड़ों रुपए का गांजा छिपाकर राज्यों के बीच सप्लाई कर रहे थे।
रायपुर रेंज पुलिस ने इस शातिर नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए करीब 2 करोड़ रुपए की मादक सामग्री और वाहन जब्त किए हैं।
कपड़ों की आड़ में चल रहा था नशे का खेल
महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिले के ओडिशा सीमा से लगे अंतरराज्यीय चेकपोस्ट पर लगातार वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली।
तस्कर मोटरसाइकिलों में पीछे लोहे के जालीनुमा गुप्त कम्पार्टमेंट बनाकर ऊपर कपड़े रखते थे, ताकि वे सड़क किनारे कपड़ा बेचने वाले सामान्य फेरीवाले दिखाई दें। लेकिन पुलिस की नजर से यह चालाकी बच नहीं सकी।
महासमुंद में 247 किलो गांजा जब्त
महासमुंद जिले की बसना और कोमाखान थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 247 किलो गांजा बरामद किया। पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश के आरोपी शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 247 किलो गांजा, 7 मोटरसाइकिलें, 6 मोबाइल फोन और गांजा छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए लोहे के जाले जब्त किए हैं। कुल जब्त संपत्ति की कीमत करीब 1.28 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
धमतरी में भी पकड़े गए तस्कर
धमतरी जिले में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने 131 किलो गांजा के साथ 2 अंतरराज्यीय तस्करों और एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा।
यहां भी आरोपी खुद को कपड़ा विक्रेता बताकर बाइक में बने गुप्त हिस्से में गांजा ले जा रहे थे। धमतरी पुलिस ने 131 किलो गांजा, 3 मोटरसाइकिलें, 3 मोबाइल फोन और नकदी रकम जब्त की है।
पुलिस बोली- तस्करी का नया ट्रेंड
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पहले एम्बुलेंस, केला ट्रक और मूवर्स-पैकर्स की आड़ में तस्करी की जा रही थी, लेकिन अब फेरीवालों के रूप में यह नया नेटवर्क सामने आया है।
जांच में संकेत मिले हैं कि यह संगठित गिरोह अलग-अलग राज्यों में इसी तरीके से गांजा सप्लाई कर रहा था। रायपुर रेंज पुलिस का कहना है कि सीमा क्षेत्रों में चेकिंग और सख्ती बढ़ाई जाएगी ताकि नशे के इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।


