नई दिल्ली। अमेरिका ने उत्तर कोरिया को भेजे जाने वाले कुछ संवेदनशील चिकित्सा उपकरणों पर नियंत्रण और सख्त कर दिया है। अमेरिकी वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने नई सूची जारी करते हुए कहा है कि अब इन उपकरणों के निर्यात के लिए विशेष सरकारी अनुमति लेना अनिवार्य होगा। नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इन मेडिकल उपकरणों पर सख्ती
नई सूची में ऑक्सीजन जनरेटर, हाई कैपेसिटी पंप, गामा इमेजिंग सिस्टम, थर्मोग्राफी मशीन, टैक्टाइल इमेजिंग उपकरण, फ्रीज-ड्राइंग और स्प्रे-ड्राइंग मशीनें, डीकंटैमिनेशन शॉवर, लैब शेकर्स और कार्बन डाइऑक्साइड इन्क्यूबेटर जैसे उपकरण शामिल हैं। पहले इनमें से कई उपकरण सामान्य लाइसेंस के तहत निर्यात किए जा सकते थे।
सुरक्षा चिंताओं के चलते फैसला
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका का यह कदम उन तकनीकों की आपूर्ति सीमित करने के लिए उठाया गया है, जिनका इस्तेमाल नागरिक जरूरतों के साथ-साथ सैन्य गतिविधियों में भी किया जा सकता है। उत्तर कोरिया के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर अमेरिका लंबे समय से चिंता जताता रहा है।
जी-7 सम्मेलन पर भी नजर
इसी बीच अगले सप्ताह होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की संभावित मुलाकात को लेकर भी चर्चा जारी है। हालांकि दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने फिलहाल किसी आधिकारिक द्विपक्षीय बैठक की पुष्टि नहीं की है।

