नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अहम खबर है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने बिजली वितरण कंपनियों को फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) वसूलने की अतिरिक्त अनुमति दे दी है। इस फैसले का असर मुख्य रूप से उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, जिनकी मासिक बिजली खपत 500 यूनिट से अधिक है।
500 यूनिट तक खपत वालों को राहत
डीईआरसी के अनुसार, 500 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं और सरकार की बिजली सब्सिडी योजना का लाभ लेने वाले ग्राहकों पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा। ऐसे उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तरह ही रहेंगे।
क्यों बढ़ाया गया सरचार्ज?
आयोग का कहना है कि बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले ईंधन और बिजली खरीद की लागत लगातार बढ़ रही है। कोयले के आयात और परिवहन खर्च में वृद्धि के कारण बिजली कंपनियों की लागत बढ़ी है, जिसके चलते FPPAS लागू करने की अनुमति दी गई है।
इन कंपनियों को मिली मंजूरी
DERC के आदेश के तहत बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL), बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) को अतिरिक्त सरचार्ज वसूलने की मंजूरी दी गई है। इसके चलते कुछ श्रेणी के उपभोक्ताओं के बिजली बिल में 1% से 3.30% तक बढ़ोतरी हो सकती है।

