वॉशिंगटन/तेहरान। कई महीनों से जारी अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और युद्ध आखिरकार समाप्त हो गया है। दोनों देशों ने युद्ध खत्म करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। समझौते के लागू होते ही दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को फिर से खोलने का फैसला लिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
ट्रंप और पेजेश्कियान ने किए हस्ताक्षर
अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने डिजिटल हस्ताक्षर किए। इससे पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे।
बताया गया है कि 14 सूत्रीय इस समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कई शर्तें तय की गई हैं। साथ ही ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए 300 अरब डॉलर के विशेष फंड का भी प्रावधान किया गया है।
ट्रंप बोले- समझौता पूरा, सभी को बधाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरान के साथ समझौता पूरी तरह संपन्न हो चुका है। उन्होंने इसे वैश्विक शांति और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ा कदम बताया।
ऑयल मार्केट में बड़ी गिरावट
समझौते की खबर सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली।
- WTI Crude 4.39% गिरकर 81.15 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- Brent Crude भी करीब 4% टूटकर 84 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध खत्म होने से तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा टल गया है, जिससे बाजार में राहत का माहौल बना है।
क्या भारत में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भारत में भी पेट्रोल-डीजल के दाम घटने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि तेल कंपनियों की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यदि क्रूड ऑयल की कीमतें लंबे समय तक नीचे रहती हैं, तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।

