रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। कंपनी अगले वित्तीय वर्ष में आईपीओ (IPO) जारी करने की तैयारी कर रही है। इसके माध्यम से करीब 15 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
कंपनी के प्रबंध संचालक आर.के. शुक्ला ने बताया कि स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग और आईपीओ जारी करने की प्रक्रिया में सामान्यतः 8 से 10 महीने का समय लगता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले वर्ष कंपनी का आईपीओ बाजार में आ सकता है।
कैबिनेट से मिल चुकी है मंजूरी
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता वाली राज्य कैबिनेट ने ऊर्जा विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसमें पावर ट्रांसमिशन कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने का प्रावधान शामिल था।
15 हजार करोड़ के निवेश की योजना
पावर कंपनी के सूत्रों के अनुसार प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार के लिए आगामी चार वर्षों में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई गई है। आईपीओ से प्राप्त पूंजी का उपयोग इसी विस्तार कार्य में किया जाएगा।
लगातार बढ़ रहा कंपनी का मुनाफा
वित्तीय वर्ष 2024-25 में कंपनी ने 207 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है। इसके अलावा कंपनी को इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च और पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन से लगातार दो वर्षों से सर्वोच्च A++ रेटिंग प्राप्त हुई है।
अधिकारियों के अनुसार कंपनी की आय और वित्तीय स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। आईपीओ के बाद भी कंपनी पर राज्य सरकार का नियंत्रण बना रहेगा और कर्मचारियों व अधिकारियों की सेवा शर्तों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
5 प्रतिशत नए शेयर जारी हो सकते हैं
प्रस्तावित ढांचे के तहत कंपनी लगभग 5 प्रतिशत नए इक्विटी शेयर जारी कर सकती है। वहीं राज्य सरकार अपनी 5 प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश भी कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनी को पूंजी जुटाने, पारदर्शिता बढ़ाने और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने में मदद मिलेगी। साथ ही राज्य के ऊर्जा क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिल सकती है।

