Raipur City News: मानसून की पहली तेज बारिश ने राजधानी रायपुर की तैयारियों की पोल खोल दी। शहर की कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जबकि कई कॉलोनियों में नाले का गंदा पानी घरों तक पहुंच गया। पहली ही बारिश में नगर निगम के प्री-मानसून इंतजाम और करोड़ों रुपये के विकास कार्य सवालों के घेरे में आ गए हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित मोवा स्थित आदर्श नगर रहा, जहां उफनते नाले के कारण पूरी कॉलोनी जलमग्न हो गई। घरों में गंदा पानी घुसने से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सड़क और नाले के बीच का अंतर मिट जाने से लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ी।
स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि वर्षों से नाले पर अतिक्रमण होता रहा, लेकिन नगर निगम ने समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। पहले 7 से 8 फीट चौड़ा नाला अब कई स्थानों पर सिमटकर 4 से 5 फीट रह गया है। समय पर सफाई नहीं होने से बारिश का पानी कॉलोनी में भर गया।
बारिश के तेज बहाव के दौरान एक व्यक्ति की साइकिल भी नाले में बह गई। हालांकि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन लोगों ने भविष्य में गंभीर दुर्घटना की आशंका जताते हुए नाले से अतिक्रमण हटाने, नियमित सफाई और स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग की है।
वहीं, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए जा रहे रायपुर रेलवे स्टेशन पर भी पहली बारिश का असर दिखाई दिया। प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर शेड से पानी टपकता रहा, जबकि स्टेशन परिसर में भी जलभराव हो गया। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।


