कवर्धा: भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सहकारिता सप्ताह 2026 का समापन कबीरधाम जिले के पीजी कॉलेज डोम, कवर्धा में जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी के साथ हुआ। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय और पंडरिया विधायक भावना बोहरा भी मौजूद रहीं।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले- सहकारिता को देना होगा नया विस्तार
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सहकारिता सप्ताह का समापन किसी अभियान का अंत नहीं, बल्कि नए संकल्प की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सहकारिता को अब केवल धान खरीदी और बैंकिंग तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि कोल्ड स्टोरेज, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, गैस एजेंसी संचालन और अन्य रोजगारमूलक गतिविधियों तक इसका विस्तार किया जाना चाहिए। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कबीरधाम में बढ़ीं सहकारी समितियां
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में पहले 90 सहकारी समितियां थीं, लेकिन अब 40 नई समितियों के गठन के बाद उनकी संख्या बढ़कर 138 हो गई है। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय की स्थापना का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।
सहकारिता को बताया ग्रामीण विकास की मजबूत नींव
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि गांवों में सहकारिता की भावना पहले से मौजूद है। उन्होंने बस्तर और कबीरधाम के उदाहरण देते हुए कहा कि मिल-जुलकर कार्य करने की परंपरा ही सहकारिता की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने गुजरात के बनासकांठा मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां सहकारी संस्थाओं के माध्यम से दुग्ध उत्पादन के साथ कई मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जिसका लाभ सीधे किसानों को मिलता है।
सांसद और विधायक ने भी किया संबोधित
राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि सहकारिता का मतलब मिलकर आगे बढ़ना और एक-दूसरे का सहयोग करना है। वहीं पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि किसानों की मेहनत ने छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा बनाया है और सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद इस क्षेत्र में नई गति आई है।
किसानों और छात्राओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण और मत्स्य पालन से संबंधित सामग्री प्रदान की गई। वहीं निबंध, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला प्रतियोगिता की 15 विजेता छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।


