CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सक्रिय मानसून के बीच धमतरी जिले के प्रमुख जलाशयों में लगातार जलभराव बढ़ रहा है। महानदी परियोजना (एमआरपी कॉम्प्लेक्स) के अंतर्गत आने वाले गंगरेल (रविशंकर सागर), मुरूमसिल्ली, दूधावा और सोंढूर बांध में भारी मात्रा में पानी की आवक दर्ज की गई है। इससे किसानों को सिंचाई और राजधानी रायपुर सहित कई क्षेत्रों को पेयजल आपूर्ति को लेकर बड़ी राहत मिली है।
जल संसाधन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार गंगरेल बांध का जलस्तर 343.75 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि इसका पूर्ण जलभराव स्तर (FRL) 347.75 मीटर है। वर्तमान में बांध में 399.81 मिलियन घनमीटर उपयोगी जल संग्रहित है, जो कुल क्षमता का 74.68 प्रतिशत है।
वहीं मुरूमसिल्ली जलाशय का जलस्तर 423.21 मीटर दर्ज किया गया है, जहां 206.66 मिलियन घनमीटर यानी करीब 72.74 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। दूधावा बांध में 137.98 मिलियन घनमीटर पानी संग्रहित है, जबकि सोंढूर जलाशय का जलस्तर बढ़कर 468.30 मीटर पहुंच गया है और इसमें 137.89 मिलियन घनमीटर जल संचित है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार कैचमेंट क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से चारों जलाशयों में पानी की आवक बनी हुई है। यदि मानसून की यही स्थिति जारी रही तो अगले कुछ दिनों में सभी प्रमुख बांध पूर्ण क्षमता के करीब पहुंच सकते हैं। विभाग ने बांधों की सुरक्षा और जलस्तर की निगरानी के लिए अधिकारियों को सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
बांधों में बढ़ते जलभराव से खरीफ सीजन में सिंचाई को लेकर किसानों की चिंता काफी हद तक समाप्त हो गई है। जल संसाधन विभाग अब नहरों के माध्यम से जरूरत के अनुसार पानी छोड़ने की रणनीति तैयार कर रहा है, जिससे अंतिम छोर तक के किसानों को भी पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सके।


