रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित विकसित भारत जी-रामजी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का जायजा लेने ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की केंद्रीय टीम दो दिवसीय दौरे पर कबीरधाम पहुंची। केंद्रीय अधिकारियों ने जिले में आंगनबाड़ी भवन, डबरी निर्माण, जल संरक्षण और आजीविका से जुड़े विभिन्न कार्यों का निरीक्षण कर उनकी सराहना की।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव (वित्त) पी.के. शर्मा और अवर सचिव राहुल कुमार श्रीवास्तव ने निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल से योजना की प्रगति और तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली।
रोजगार, मजदूरी भुगतान और एनएमएमएस पर हुई समीक्षा
केंद्रीय टीम ने योजना से जुड़े मैदानी कर्मचारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान ग्रामीणों की भागीदारी से कार्यों की पहचान, कार्य स्वीकृति प्रक्रिया, युक्तधारा पोर्टल में प्रविष्टि, रोजगार की मांग, एनएमएमएस (NMMS) के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति, समय पर मजदूरी भुगतान तथा 125 दिनों के रोजगार उपलब्ध कराने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सीईओ जिला पंचायत अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार की मांग के अनुरूप पर्याप्त कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में कबीरधाम जिला लगातार प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल है, जिस पर केंद्रीय अधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया।
आंगनबाड़ी, डबरी और मत्स्य पालन कार्यों का किया निरीक्षण
केंद्रीय टीम ने ग्राम पंचायत रेंगाखारखुर्द में निर्मित आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण कर निर्माण गुणवत्ता, मजदूरी भुगतान, मानव दिवस और ग्रामीणों को मिल रहे लाभ की जानकारी ली।
इसके बाद ग्राम पंचायत चिखली में तालाब आधारित मत्स्य पालन गतिविधियों का अवलोकन किया तथा हितग्राहियों से आय में हुए लाभ के बारे में चर्चा की।
ग्राम पंचायत पोड़ी में सामुदायिक बोरवेल रिचार्ज पिट और हितग्राही रामभजन के लिए निर्मित निजी आजीविका डबरी का निरीक्षण किया गया। हितग्राही ने बताया कि डबरी निर्माण से सिंचाई सुविधा बढ़ी है और मत्स्य पालन के माध्यम से अतिरिक्त आय का स्रोत विकसित हुआ है।
ग्रामीणों से किया संवाद, पौधारोपण में भी लिया हिस्सा
केंद्रीय अधिकारियों ने राजानवागांव में मजदूरों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं और ग्रामीणों से संवाद कर योजना के उद्देश्यों, आजीविका संवर्धन, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और सामुदायिक सहभागिता पर चर्चा की। साथ ही ग्रामीणों से सुझाव भी लिए।
नेउरगांवखुर्द में विकसित भारत जी-रामजी उद्यान का निरीक्षण करते हुए 500 से अधिक फलदार एवं छायादार पौधों के संरक्षण की समीक्षा की गई। इस दौरान केंद्रीय टीम ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत बोड़ला के अधिकारी, तकनीकी अमला, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


