रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि आज इंटरनेट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का दौर है, लेकिन मौलिक सोच, अध्ययन की आदत और मेहनत का कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने विद्यार्थियों से डिजिटल एडिक्शन से दूर रहने और अपनी सोचने-समझने की क्षमता को विकसित करने का आह्वान किया।
राज्यपाल शनिवार को रायपुर के विमतारा ऑडिटोरियम में पीएसवाय एजुकेशन एवं रिसर्च फेडरेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह एवं पदक तथा निधि वितरण-2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट जिला शिक्षा अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के बीच आकर उन्हें अपना बचपन याद आ जाता है। उनके समय में सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और लगन ही सफलता का आधार थी। आज सुविधाएं बढ़ी हैं, लेकिन विद्यार्थियों को अध्ययन की आदत और मौलिक सोच बनाए रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गूगल और AI उपयोगी साधन हैं, लेकिन वे मानव बुद्धि का विकल्प नहीं बन सकते। जीवन में “गूगल इफेक्ट” नहीं होना चाहिए। सोचने, समझने और सही निर्णय लेने की क्षमता ही इंसान की सबसे बड़ी ताकत है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार की लत, विशेषकर डिजिटल एडिक्शन, से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मोबाइल का उपयोग केवल पढ़ाई और आवश्यक कार्यों तक ही सीमित होना चाहिए।
अभिभावकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हर बच्चे की प्रतिभा और रुचि अलग होती है। बच्चों की तुलना दूसरों से करने के बजाय उनकी क्षमता पहचानकर उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर छात्र का IIT या मेडिकल में जाना जरूरी नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर उपलब्ध हैं।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, मेहनत और संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि संतुष्ट और संतुलित जीवन जीने से भी मिलती है।
इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि शिक्षा ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का सबसे मजबूत आधार है। वहीं विधायक पुरंदर मिश्रा ने अनुशासन, परिश्रम और निरंतर सीखने की भावना को सफलता की कुंजी बताया।
कार्यक्रम में सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक जगदीश बर्मन, पीएसवाय के निदेशक डॉ. एस.के. मिश्रा, मुख्य योजना समन्वयक शुभ्रा शुक्ला मिश्रा, प्रदेशभर के जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।


