रायपुर, 20 जुलाई 2026। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़कर जिम्मेदार नागरिक बन सके।
रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड स्थित शासकीय बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित विकासखंड स्तरीय शालेय प्रवेश उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मंत्री टंक राम वर्मा ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, नैतिक मूल्यों और बड़े लक्ष्य तय कर निरंतर मेहनत करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर उन्होंने बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत अतिरिक्त कक्षों के साथ बाउंड्री वॉल, शौचालय, शुद्ध पेयजल, विद्युत और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल में आधुनिक रंगमंच निर्माण को भी मंजूरी दी गई है।
मंत्री वर्मा ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के विचारों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। वहीं स्वामी विवेकानंद के संदेश “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” को याद दिलाते हुए उन्होंने सकारात्मक सोच और स्पष्ट लक्ष्य को सफलता की कुंजी बताया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रदेश में शिक्षा को आधुनिक तकनीक के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा जा रहा है। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, विनम्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है।
राजस्व मंत्री ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम उठा रही है।


