रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेशभर में नकली और अमानक उर्वरक-कीटनाशकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम चिंगरी (अंडा) में बिना वैध लाइसेंस उर्वरक और कीटनाशकों के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री का खुलासा करते हुए दो गोदामों को सील कर भारी मात्रा में सामग्री जब्त की गई है।
उड़नदस्ता दल की छापेमार कार्रवाई
कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल को सूचना मिली थी कि चन्द्राकर किराना स्टोर्स परिसर में अवैध रूप से जैव उत्प्रेरक और कीटनाशकों का निर्माण एवं भंडारण किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान गोदाम बंद मिला। किरायेदार वरुण त्रिपाठी को मौके पर बुलाया गया, लेकिन उनके असहयोग के चलते मकान मालिक, पंचों और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर गोदाम का ताला खुलवाया गया।
बिना लाइसेंस चल रहा था कारोबार
जांच में गोदाम के भीतर जैव उत्प्रेरक, कीटनाशकों के तैयार उत्पाद, रॉ मटेरियल, रसायनों से भरे ड्रम, पैकिंग मशीनें, सीलिंग मशीनें और अन्य उपकरण बड़ी मात्रा में मिले। अधिकारियों ने पाया कि बिना वैध अनुज्ञप्ति के निर्माण और भंडारण किया जा रहा था तथा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 और कीटनाशक अधिनियम, 1968 के कई प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन किया गया है।
दो गोदाम सील, FIR की प्रक्रिया शुरू
कृषि विभाग ने मौके से बरामद सभी सामग्री जब्त कर दोनों गोदामों को सील कर दिया है। साथ ही संबंधित संचालकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 और कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
CM साय के निर्देश पर जारी रहेगी सख्ती
उप संचालक कृषि संदीप भाई ने कहा कि किसानों को नकली, अमानक या अधिक कीमत पर कृषि आदान बेचने वालों के खिलाफ लगातार कठोर कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं और निर्माताओं के लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए जाएंगे तथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि कहीं नकली उर्वरक, कीटनाशकों की बिक्री, कालाबाजारी या निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की जानकारी मिले तो इसकी शिकायत तत्काल कृषि विभाग को करें।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और प्रदेशभर में नकली कृषि आदानों तथा कालाबाजारी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।


