रायपुर। छत्तीसगढ़ में हर घर नल (जल जीवन मिशन) के कार्यों में तेजी लाने के लिए मुख्य सचिव विकासशील ने सभी जिला कलेक्टरों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि 31 अगस्त 2026 तक सभी पूर्ण योजनाओं का भौतिक सत्यापन और 31 दिसंबर 2026 तक अधूरी योजनाओं को हर हाल में पूरा किया जाए।
हर परिवार तक पहुंचे स्वच्छ पेयजल
मुख्य सचिव ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना है। इससे महिलाओं का समय बचेगा, जलजनित बीमारियों में कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।
31 अगस्त तक सत्यापन, 31 दिसंबर तक पूरा होगा काम
बैठक में पूर्ण और हस्तांतरित योजनाओं के भुगतान की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, उनका 31 अगस्त तक शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। वहीं, अधूरी योजनाओं को 31 दिसंबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जलस्रोत संरक्षण पर बनेगी कार्ययोजना
मुख्य सचिव ने सभी जिलों को स्थानीय जलस्रोतों का आकलन करने, नए जलस्रोतों की पहचान, जल संरक्षण और रिचार्ज व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में वर्तमान जलस्रोत पर्याप्त नहीं हैं, वहां वैकल्पिक स्रोतों की पहचान कर शीघ्र कार्रवाई की जाए ताकि कोई भी ग्रामीण परिवार स्वच्छ पेयजल से वंचित न रहे।
सोलर आधारित योजनाओं और भुगतान की भी समीक्षा
बैठक में सोलर आधारित नल-जल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि योजना-वार स्वीकृत राशि और व्यय का मिलान कर समयबद्ध तरीके से रनिंग बिलों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि डीएमएफ, सांसद निधि, विधायक निधि, सीएसआर और अन्य उपलब्ध वित्तीय स्रोतों का उपयोग कर योजनाओं को समय पर पूरा किया जाए।
हर महीने होगी समीक्षा
मुख्य सचिव विकासशील ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक आयोजित की जाए, उसकी कार्यवाही विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाए और हर गांव में शत-प्रतिशत नल जल कवरेज सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
उन्होंने कहा कि बेहतर योजना, स्पष्ट आकलन और प्रभावी समन्वय के साथ कार्य करते हुए राज्य के प्रत्येक परिवार तक समयबद्ध रूप से ‘हर घर नल, हर घर जल’ का लक्ष्य पूरा किया जाए।


