रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन अब जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दे रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के आधार पर प्रशासन ने अवैध रेत भंडारण स्थल को सीलबंद कर दिया, जबकि अवैध परिवहन में संलिप्त दो ट्रैक्टर वाहन जब्त कर सख्त कार्रवाई की गई।
हेल्पलाइन शिकायत पर तुरंत कार्रवाई
कलेक्टर विजय दयाराम के. के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में मरवाही के सिवनी चौक स्थित अवैध रेत भंडारण की शिकायत दर्ज हुई।
जांच के बाद संबंधित भंडारणकर्ता को 15 जुलाई 2026 को वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का नोटिस जारी किया गया, लेकिन निर्धारित समय में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 के तहत कार्रवाई करते हुए अवैध रेत भंडारण स्थल को मौके पर ही सीलबंद कर दिया गया।
दो ट्रैक्टर भी जब्त
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में मिली अन्य शिकायतों के आधार पर मरवाही और पिपरिया क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन में लगे दो ट्रैक्टर वाहन भी जब्त किए गए। जब्त वाहनों के खिलाफ खान एवं खनिज संबंधी प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार अर्थदंड की कार्रवाई की जा रही है।
अवैध खनिज कारोबार पर सख्ती जारी
कलेक्टर विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रखते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
सुशासन का मजबूत माध्यम बनी हेल्पलाइन
इस कार्रवाई में सहायक खनिज अधिकारी आदित्य मानकर, खनिज निरीक्षक सुजीत कंवर, शिवकुमार लहरे, सतीश साहू और साहिब गनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जनशिकायतों के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई से जहां आम नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत हुआ है, वहीं अवैध गतिविधियों पर भी प्रभावी अंकुश लग रहा है।


