रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीणों की आय बढ़ाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित बैकयार्ड कुक्कुट इकाई वितरण योजना सुकमा जिले में प्रभावी साबित हो रही है। योजना के तहत किसानों और महिलाओं को उन्नत नस्ल के चूजे और कुक्कुट आहार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
सुकमा जिले के कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन तथा पशुधन विकास विभाग के उपसंचालक डॉ. संदीप इंदुरकर के मार्गदर्शन में छिंदगढ़ विकासखंड के तोंगपाल क्षेत्र के ग्राम लेदा, कंकापाल, तोंगपाल, मारेंगा और टीपनपाल में 50 बैकयार्ड कुक्कुट इकाइयों का वितरण किया गया।
योजना के तहत प्रत्येक चयनित हितग्राही को 45 उन्नत नस्ल के 28 दिवसीय चूजे और उनके पालन-पोषण के लिए 10 किलोग्राम पौष्टिक दाना निःशुल्क उपलब्ध कराया गया। इससे ग्रामीणों को कुक्कुट पालन शुरू करने के लिए प्रारंभिक आर्थिक सहायता मिली है और शुरुआती खर्च का बोझ भी कम हुआ है।
कुक्कुट पालन ग्रामीण परिवारों के लिए कम लागत में शुरू होने वाला लाभकारी व्यवसाय है। अंडों और मुर्गियों की बिक्री के माध्यम से परिवार अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। यही कारण है कि राज्य सरकार इस योजना के जरिए छोटे एवं सीमांत किसानों, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दे रही है।
वितरण कार्यक्रम में ग्राम लेदा के जनपद सदस्य, सरपंच सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया और इस पहल की सराहना की। ग्रामीणों ने भी योजना को रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आधारित आजीविका को बढ़ावा देकर स्थायी आय के अवसर उपलब्ध कराना और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।


