रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए कड़े कदमों का स्वागत करते हुए कहा है कि युवाओं के सपनों और उनकी वर्षों की मेहनत से किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रदेश के युवाओं और नागरिकों की ओर से धन्यवाद भी दिया।
मुख्यमंत्री साय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून और प्रभावी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह कदम लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थियों के हितों की रक्षा करेगा और परीक्षा प्रणाली में लोगों का विश्वास और मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं देश के लाखों युवाओं की वर्षों की मेहनत, समर्पण और उनके परिवारों की उम्मीदों का आधार होती हैं। पेपर लीक जैसी आपराधिक घटनाएं केवल परीक्षार्थियों के भविष्य को प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि पूरी परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नए कड़े कानूनों और केंद्रीय एजेंसियों की सक्रिय कार्रवाई से परीक्षा माफिया और नकल गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। अब ऐसे अपराध करने से पहले दोषियों को कई बार सोचना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार भी राज्य स्तर की सभी भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और शुचिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के युवाओं की योग्यता और मेहनत के साथ किसी भी स्तर पर अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश के लाखों परीक्षार्थियों और अभिभावकों में यह भरोसा और मजबूत हुआ है कि सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है।


