रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन के तहत लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रांपा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा चलाए गए क्लोरीनेशन अभियान से ग्रामीणों को स्वच्छ और संक्रमणमुक्त पेयजल मिलने लगा है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की तकनीकी टीम और हैंडपंप टेक्निशियनों ने गांव के सभी प्रमुख हैंडपंपों और सोलर जल स्रोतों का निर्धारित मानकों के अनुसार क्लोरीनेशन किया। इस वैज्ञानिक प्रक्रिया से पानी में मौजूद हानिकारक जीवाणु, बैक्टीरिया और अन्य संक्रमणकारी सूक्ष्मजीवों का प्रभावी नियंत्रण किया गया, जिससे पेयजल की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
बरसात के मौसम में दूषित पानी के कारण डायरिया, टाइफाइड और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। क्लोरीनेशन अभियान के बाद अब ग्रामीण सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल का उपयोग कर रहे हैं, जिससे इन बीमारियों की आशंका में भी कमी आई है।
ग्रामीणों ने बताया कि स्वच्छ पेयजल मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। अभियान के माध्यम से लोगों में जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने, जल संरक्षण करने और सुरक्षित पेयजल के महत्व को लेकर भी जागरूकता बढ़ी है। ग्रामीणों ने भविष्य में भी जल स्रोतों की साफ-सफाई बनाए रखने और उनका जिम्मेदारी से उपयोग करने का संकल्प लिया है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जल जीवन मिशन के तहत जिलेभर में नियमित रूप से क्लोरीनेशन अभियान संचालित कर रहा है। विभाग का उद्देश्य केवल पेयजल को शुद्ध करना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना भी है।


