रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित कृषक उन्नति योजना प्रदेश में फसल विविधीकरण को नई दिशा दे रही है। इसका असर अब किसानों की आय में भी दिखाई देने लगा है। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम केराटीकरा के किसान सुखदेव सिदार ने पारंपरिक धान की खेती का रकबा कम कर चार एकड़ में सन बीज (Flax Seed) की खेती शुरू की है, जिससे उन्हें करीब 4 लाख रुपये की आय होने की उम्मीद है।
करीब 40 से 50 एकड़ में खेती करने वाले किसान सुखदेव सिदार को कृषि विभाग के माध्यम से बीज निगम रायगढ़ से सन का आधार बीज उपलब्ध कराया गया। चार एकड़ में बोई गई फसल से लगभग 30 क्विंटल उत्पादन का अनुमान है। तैयार बीज की खरीदी बीज निगम करेगा। यदि अनुमानित 15 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर मिलती है तो किसान को लगभग 4 लाख रुपये की आमदनी होगी।
पारंपरिक और आधुनिक खेती का सफल संगम
सुखदेव सिदार आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ अपनी पारंपरिक कृषि विरासत को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इस वर्ष 3 से 4 एकड़ में सुगंधित जवाफूल धान की खेती भी की है। साथ ही वे डेयरी व्यवसाय से जुड़े हैं। उनकी 4 से 5 अच्छी नस्ल की गायों से मिलने वाले गोबर से तैयार जैविक खाद का उपयोग खेती में किया जाता है, जिससे लागत कम होने के साथ मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है।
इसके अलावा वन विभाग के सहयोग से उन्होंने लगभग 3 एकड़ क्षेत्र में सागौन का पौधारोपण भी किया है।
कृषक उन्नति योजना से मिलेगा अतिरिक्त लाभ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलें लेने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। पात्र किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। सुखदेव सिदार भी इस योजना का लाभ प्राप्त करेंगे।
फसल विविधीकरण से बढ़ रही किसानों की आय
कृषि विभाग के अनुसार रायगढ़ जिले में किसानों को लगातार फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्नत बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और आधुनिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा रहा है। विभाग का मानना है कि वैकल्पिक फसलों को अपनाने से किसानों की आय बढ़ने के साथ कृषि भी अधिक सशक्त बन रही है।


