रायपुर/कटघोरा। छत्तीसगढ़ में करीब 50 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में फरार आरोपी को पकड़ने दिल्ली गई पुलिस टीम पर विभागीय कार्रवाई हुई है। कटघोरा पुलिस और साइबर थाना की संयुक्त टीम आरोपी की तलाश में बिना वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के फ्लाइट से दिल्ली पहुंची थी। विभागीय नियमों का उल्लंघन करने के मामले में बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने थाना प्रभारी समेत टीम में शामिल 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार कटघोरा थाना क्षेत्र में एक वाहन एजेंसी संचालक से करीब 50 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया था। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी की तलाश शुरू की। साइबर थाना की मदद से आरोपी की मोबाइल लोकेशन दिल्ली में मिलने के बाद उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की संयुक्त टीम दिल्ली रवाना हुई।
कटघोरा थाना प्रभारी मोती पटेल के नेतृत्व में विवेचना अधिकारी राम पांडेय, आरक्षक प्रदीप राठौर, प्रधान आरक्षक गोपाल यादव, प्रधान आरक्षक राजेश कंवर, साइबर थाना के प्रधान आरक्षक गुनाराम सिन्हा, सुशील यादव और लाइन में पदस्थ आरक्षक प्रशांत सिंह दिल्ली गए थे। पुलिस टीम में कुल 8 कर्मचारी शामिल थे।
विभागीय नियमों के अनुसार पुलिस टीम को सरकारी यात्रा के लिए ट्रेन से जाना था, लेकिन आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लिए बिना टीम के सभी सदस्य फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे। बताया गया कि दिल्ली आने-जाने की हवाई यात्रा का खर्च ठगी के पीड़ित वाहन एजेंसी संचालक ने वहन किया।
पुलिस टीम ने दिल्ली पहुंचकर फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसे लेकर वापस लौट आई। हालांकि, टीम के हवाई यात्रा करने की जानकारी बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग तक पहुंच गई। मामले को विभागीय नियमों और अनुशासन का उल्लंघन मानते हुए आईजी ने कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद कटघोरा थाना प्रभारी मोती पटेल समेत संयुक्त टीम में शामिल सभी 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम बिना अनुमति हवाई जहाज से दिल्ली गई थी। विभागीय नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। मामले की आगे भी जांच जारी है।


