रायपुर, 20 अगस्त 2026। आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम नहीं, बल्कि अपने हुनर और स्थानीय संसाधनों को नई पहचान देने का अवसर भी है। कोरबा जिले की महिला स्व सहायता समूह की दीदियां अपने परिश्रम, रचनात्मकता और नवाचार के माध्यम से इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं। बेला कछार, दोनद्रो पंचायत का प्रसन्न स्व सहायता समूह भी ऐसी ही प्रेरक पहल का उदाहरण है, जहां महिलाओं ने स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आकर्षक राखियां तैयार की हैं।
प्रसन्न स्व सहायता समूह वर्ष 2018 से बिहान से जुड़कर महिला सशक्तिकरण और आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा है। समूह में कुल 22 सदस्य हैं। समूह की महिलाएं मौसम और बाजार की मांग के अनुरूप अलग-अलग उत्पाद तैयार करती हैं। इनमें बाती, अगरबत्ती, कॉस्मेटिक सामग्री और कपड़ों से जुड़े कार्य प्रमुख हैं। समय के साथ समूह की महिलाओं ने नए उत्पादों को अपने काम से जोड़कर आय के अवसरों का भी विस्तार किया है।
रक्षाबंधन पर्व को ध्यान में रखते हुए समूह की दीदियों ने पारंपरिक राखियों को स्थानीयता से जोड़ते हुए अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया है। धान, बर्रे भाजी, साबूदाना और चावल जैसे स्थानीय एवं प्राकृतिक संसाधनों से तैयार की गई राखियां लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इन राखियों की खासियत केवल उनकी खूबसूरती नहीं है, बल्कि इनके पीछे महिलाओं का हुनर और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग की सोच भी जुड़ी हुई है। समूह की महिलाओं द्वारा तैयार राखियां स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ महिला उद्यमिता को भी मजबूत कर रही हैं।
समूह की दीदियों नीतू कर्ष और मीरा देवांगन ने कलेक्टोरेट परिसर में राखियों का स्टॉल लगाया, जहां उन्होंने अपने हाथों से तैयार विभिन्न प्रकार की राखियां प्रदर्शित कीं। स्टॉल पर पहुंचकर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने भी राखियां खरीदीं और समूह की दीदियों के प्रयासों तथा हुनर की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। कलेक्टर के प्रोत्साहन से महिलाओं में अपने उत्पादों को और बेहतर बनाने तथा भविष्य में नई गतिविधियों को अपनाने का आत्मविश्वास बढ़ा है।
प्रसन्न स्व सहायता समूह की दीदियों ने बताया कि महतारी वंदन योजना से भी उन्हें आर्थिक संबल मिल रहा है। योजना के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग वे अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ अपने कार्यों और आजीविका संबंधी गतिविधियों में कर रही हैं। दीदियों के अनुसार उन्हें अब तक योजना की 30 किश्तें प्राप्त हो चुकी हैं। नियमित आर्थिक सहायता से उन्हें राहत मिली है और अपने छोटे-बड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग मिल रहा है। योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए आर्थिक सहारे के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने का माध्यम भी बनी है।
रक्षाबंधन के अवसर पर समूह की दीदियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के लिए विशेष राखी भी तैयार की है। महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना से उन्हें लगातार आर्थिक सहयोग मिल रहा है, जिसके लिए वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।
प्रसन्न स्व सहायता समूह की यह कहानी बताती है कि महिलाओं को संगठित होकर काम करने का अवसर, प्रशिक्षण और योजनाओं का सहयोग मिले तो वे अपने हुनर को मजबूत आजीविका का माध्यम बना सकती हैं। स्थानीय संसाधनों से तैयार राखियों और अन्य उत्पादों के जरिए समूह की दीदियां स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ आत्मनिर्भरता और महिला उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दे रही हैं।


