कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के विश्रामपुरी में इंजेक्शन लगाए जाने के बाद 32 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ लैब टेक्नीशियन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
इंजेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, ग्राम पिटेचुआ कोटवारपारा निवासी मिथिला नेताम की तबीयत खराब होने पर परिजन उनका ब्लड टेस्ट कराने के लिए विश्रामपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ लैब टेक्नीशियन सहदेव वर्मा के निजी क्लिनिक लेकर गए थे।
परिजनों का आरोप है कि ब्लड सैंपल लेने के बाद लैब टेक्नीशियन ने महिला को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही देर बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
महिला की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विश्रामपुरी लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया।
महिला की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। मृतका अपने पीछे तीन बच्चों को छोड़ गई है।
परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद मृतका के परिजनों ने विश्रामपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। परिजनों का कहना है कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद ही महिला की तबीयत अचानक बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया है। इसके साथ ही मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लैब टेक्नीशियन को इंजेक्शन लगाने की अनुमति नहीं – BMO
विश्रामपुरी के BMO डॉ. अनुराग भारती ने बताया कि शासन के नियमों के अनुसार लैब टेक्नीशियन को इंजेक्शन लगाने या मरीज का उपचार करने की अनुमति नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित लैब टेक्नीशियन से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल महिला की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी है।


