महासमुंद। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘सरस्वती साइकिल योजना’ के अंतर्गत ग्राम मोहगांव स्थित शासकीय हाईस्कूल में गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान 49 छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित की गईं। साइकिल मिलने पर छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत महासमुंद के उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर रहे, जबकि अध्यक्षता सरपंच नरेंद्र दीवान ने की। जनपद पंचायत उपाध्यक्ष तरुण व्यवहार अति विशिष्ट अतिथि तथा भाजपा मंडल अध्यक्ष लोकेश पनुरिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर पूजा-अर्चना के साथ हुआ।
बेटियों की शिक्षा और आत्मविश्वास को मिलेगा बढ़ावा
मुख्य अतिथि भीखम सिंह ठाकुर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरस्वती साइकिल योजना बेटियों की शिक्षा को आसान बनाने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। साइकिल मिलने से छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा होगी और वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी।
उन्होंने कहा कि आज की बेटियां विकसित भारत की मजबूत नींव हैं और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
जाति प्रमाण पत्र की प्रक्रिया सरल बनाने का आश्वासन
कार्यक्रम के दौरान श्री ठाकुर ने छात्र-छात्राओं के जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने पूर्व में जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया है।
उन्होंने कहा कि परिवार के मुखिया के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर बच्चों का प्रमाण पत्र आसानी से बन सके, इसके लिए प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
साइकिल मिलने से छात्राओं की राह होगी आसान
साइकिल प्राप्त करने के बाद छात्राओं ने खुशी व्यक्त करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजना के प्रति आभार जताया। छात्राओं ने कहा कि अब उन्हें दूर-दराज से पैदल स्कूल नहीं आना पड़ेगा। इससे समय और श्रम दोनों की बचत होगी तथा नियमित रूप से विद्यालय पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में पुरन शबर, शाला समिति अध्यक्ष राजेश दास मानिकपुरी, उपाध्यक्ष ममता दीवान, सदस्य चेतन साहू, पालक उदय साहू, सामाजिक कार्यकर्ता ओमप्रकाश ध्रुव, प्राचार्य देवेंद्र चंद्राकर, कोमलचंद साहू और नाथूराम साहू सहित शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


