रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विकासखंड मुख्यालय डौण्डीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह के दौरान योजना की 5 महिला हितग्राहियों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना के माध्यम से उनके जीवन में आए बदलाव और योजना की राशि के उपयोग के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान महिलाओं ने बताया कि योजना के तहत हर महीने मिलने वाली 1 हजार रुपये की आर्थिक सहायता ने उन्हें अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ स्वरोजगार शुरू करने में भी मदद की है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के अनुभवों की सराहना करते हुए कहा कि हितग्राहियों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव ही महतारी वंदन योजना की वास्तविक सार्थकता है।
जुही सोनी ने महतारी वंदन की राशि से शुरू किया ब्यूटी पार्लर
नगर पंचायत डौण्डीलोहारा निवासी जुही सोनी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से संवाद के दौरान बताया कि उन्होंने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग कर लोन लिया और ब्यूटी पार्लर एवं सिलाई मशीन का काम शुरू किया।
इस स्वरोजगार से उन्हें प्रतिमाह करीब 6 से 7 हजार रुपये की आमदनी हो रही है। जुही सोनी ने कहा कि महतारी वंदन योजना उनके जीवन स्तर में सुधार लाने और आर्थिक रूप से आगे बढ़ने में काफी उपयोगी साबित हुई है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार जताया।
भूमिका साहू ने शुरू किया सीमेंट गमला और तुलसी चौरा निर्माण
ग्राम हरदी निवासी भूमिका साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग कर सीमेंट के गमले और तुलसी चौरा निर्माण का काम शुरू किया है। इस काम से उन्हें प्रतिमाह करीब 10 हजार रुपये की आमदनी हो रही है।
भूमिका साहू ने बताया कि वह योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता का उपयोग सोशल मीडिया से जुड़े कार्यों में भी कर रही हैं। उन्होंने महतारी वंदन योजना को अपने जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ा सहारा बताया।
सरोज देवांगन ने शुरू की आटा चक्की
ग्राम कोरगुड़ा निवासी सरोज देवांगन ने भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग कर उन्होंने आटा चक्की का व्यवसाय शुरू किया है।
आटा चक्की के संचालन से उन्हें प्रतिमाह करीब 3 से 4 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी हो रही है। उन्होंने योजना को महिलाओं के लिए आर्थिक मजबूती का माध्यम बताते हुए इसकी सराहना की।
बसंती बाई ने शुरू किया छोटा कारोबार
ग्राम तुड़मुड़ा निवासी बसंती बाई ने महतारी वंदन योजना को मुश्किल समय में जरूरतमंद महिलाओं का सहारा बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग कर उन्होंने छोटा व्यापार शुरू किया है।
बसंती बाई आसपास के बाजारों में जाकर चना, फल्ली और अन्य खाद्य सामग्री बेचती हैं। इस कारोबार से उन्हें हर महीने करीब 5 से 6 हजार रुपये की आमदनी हो रही है।
महतारी वंदन की राशि बनी स्वरोजगार का आधार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं से बातचीत के दौरान उनके अनुभवों को ध्यानपूर्वक सुना। महिलाओं की सफलता की कहानियां यह दिखाती हैं कि नियमित आर्थिक सहायता का उपयोग केवल घरेलू जरूरतों के लिए ही नहीं, बल्कि छोटे स्तर पर स्वरोजगार शुरू करने के लिए भी किया जा सकता है।
महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली राशि से महिलाओं को अपने खर्चों और जरूरतों के संबंध में निर्णय लेने का अवसर मिल रहा है। कई महिलाएं इसी आर्थिक सहायता को आधार बनाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में कदम आगे बढ़ा रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हितग्राहियों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलाव को महतारी वंदन योजना की वास्तविक सार्थकता बताया। उन्होंने योजना की सभी हितग्राही महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए हर महीने मिलने वाली राशि का सदुपयोग करने का आह्वान किया।
डौण्डीलोहारा में हुआ यह संवाद महतारी वंदन योजना के उस उद्देश्य को भी सामने लाता है, जिसके तहत महिलाओं को आर्थिक संबल देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।
महतारी वंदन की मासिक सहायता से शुरू हुए छोटे-छोटे प्रयास अब महिलाओं की नियमित आमदनी का जरिया बन रहे हैं। महिलाओं की ये कहानियां ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिला स्वरोजगार तथा आर्थिक सशक्तिकरण की नई तस्वीर पेश कर रही हैं।


