रायपुर। ग्रामीण श्रमिकों के लिए समय पर मिलने वाली मजदूरी केवल पारिश्रमिक नहीं, बल्कि परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी है। धमतरी जिले में वीबी-जी रामजी योजना (विकसित भारत–जी रामजी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ उनकी मेहनत का पारिश्रमिक निर्धारित समय-सीमा में मिल रहा है।
1 जुलाई 2026 से अब तक जिले में 5,964 श्रमिकों को 300 रुपये प्रतिदिन की दर से कुल 53.91 लाख रुपये की मजदूरी का भुगतान किया गया है। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार श्रमिकों की मजदूरी राशि 15 दिवस के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई है। इससे भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता आने के साथ श्रमिकों का योजना के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
मेहनत की कमाई बनी परिवार का सहारा
ग्रामीण परिवारों के लिए आय का प्रत्येक स्रोत महत्वपूर्ण होता है। समय पर मिलने वाली मजदूरी से श्रमिक राशन, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू उपयोग की सामग्री और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा कर पा रहे हैं। बैंक खातों में सीधे राशि पहुंचने से भुगतान प्रक्रिया भी सरल और पारदर्शी हुई है।
गांव में ही रोजगार उपलब्ध होने और मजदूरी समय पर मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आय का प्रवाह बढ़ने से स्थानीय बाजार में छोटी-बड़ी जरूरतों की मांग पैदा होती है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
समय पर भुगतान से बढ़ा काम के प्रति उत्साह
किसी भी रोजगार योजना की सफलता में श्रमिकों का भरोसा और भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। समय पर मजदूरी मिलने से श्रमिकों में योजना के तहत उपलब्ध रोजगार के प्रति रुचि बढ़ी है। उन्हें भरोसा है कि काम के बदले मिलने वाला पारिश्रमिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचेगा।
स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से श्रमिकों को काम की तलाश में दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की जरूरत भी कम होती है। वे अपने परिवार और गांव से जुड़े रहते हुए आय अर्जित कर पा रहे हैं।
पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती
जिला पंचायत धमतरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप वीबी-जी रामजी योजना के तहत पात्र श्रमिकों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने और निर्धारित समय-सीमा में मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि योजना के क्रियान्वयन और भुगतान प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि श्रमिकों को उनकी मेहनत की राशि प्राप्त करने में अनावश्यक देरी न हो। बैंक खातों में सीधे मजदूरी हस्तांतरण से व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत हुई है।
रोजगार से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते श्रमिक
वीबी-जी रामजी योजना ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। समय पर मजदूरी, पारदर्शी भुगतान और गांव में रोजगार की उपलब्धता ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का आधार बन रहे हैं।
धमतरी जिले में 5,964 श्रमिकों तक 53.91 लाख रुपये की मजदूरी पहुंचना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। रोजगार के साथ मेहनत का उचित पारिश्रमिक समय पर मिलने से श्रमिकों में संतोष के साथ भविष्य के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।


